ढोल-नगाड़ों और भारत माता के जयकारे… शुभांशु शुक्ला की वतन वापसी पर दिल्ली में भव्य स्वागत – Pilot shubhanshu shukla return to india gets grand welcome at delhi airport ntc


अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की वतन वापसी हुई है. रविवार देर रात उनका विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड किया. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह, इसरो के अधिकारी, छात्रों का समूह और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया. शुभांशु के साथ उनकी पत्नी कामना शुक्ला और बेटा भी मौजूद रहे.

जैसे ही शुभांशु आए मुख्यमंत्री रेखा और मंत्री जितेन्द्र ने फुलों का गुलदस्ता दिया और भारत पहुंचने पर वेलकम किया. इस दौरान भारी संख्या में वहां आम लोग भी मौजूद थे. जिन्होंने भारत माता के जयकारे लगाए और तालियां बजाई.

मंत्री जितेन्द्र सिंह ने शुभांशु के दिल्ली पहुंचने पर क्या कहा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने लिखा, ‘भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए गर्व का क्षण आया जब गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज सुबह दिल्ली पहुंचे. दिल्ली हवाई अड्डे पर उनका स्वागत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, ISRO के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और छात्रों के एक समूह ने किया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के अंतरिक्ष गौरव को सम्मानित किया गया इस आगमन ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में उपलब्धियों और देश की अंतरिक्ष यात्रा में नए मील के पत्थर को दर्शाया है.’

अंतरिक्ष में परचम लहराकर भारत लौटे शुभांशु शुक्ला

शुभांशु शुक्ला हाल ही में अंतरिक्ष यात्रा करके लौटे हैं. उन्होंने अपने मिशन के दौरान 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए और 60 से भी ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग और 20 अवेयरनेस सेशन किए.

Axiom-4 मिशन के लिए शुभांशु ने अमेरिका में एक साल की कड़ी ट्रेनिंग की. 25 जून 2025 को वे फ्लोरिडा के केप कैनावरल से स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के माध्यम से अंतरिक्ष की यात्रा पर रवाना हुए. अगले दिन, 26 जून को वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचे, जहां उनके साथ अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस उज्नांस्की-विस्निव्स्की और हंगरी के टिबोर कापु भी थे.

शुभांशु ने अंतरिक्ष में क्या प्रयोग किया?

शुभांशु ने विशेष रूप से भारत की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सात महत्वपूर्ण प्रयोगों पर कार्य किया. इनमें अंतरिक्ष में हरे चने और मेथी के बीजों का अंकुरण, शरीर पर अंतरिक्ष के प्रभाव का अध्ययन, मांसपेशियों की कमजोरी और ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय शामिल थे.

ये प्रयोग न केवल भारत के वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा देंगे, बल्कि भविष्य में अंतरिक्ष में एग्रीकल्चर, मनुष्य के स्वास्थ्य और तकनीकी विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेंगे. शुभांशु के इस मिशन ने भारतीय युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति उत्साह और प्रेरणा भरी है.

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