जीएसटी 2.0 सुधार: त्योहारों का मौसम हमेशा से उपभोक्ताओं और कंपनियों के लिए उत्साह लेकर आता है. इस बार सरकार द्वारा प्रस्तावित जीएसटी 2.0 सुधार ने एयर कंडीशनर (एसी) और टीवी जैसे बड़े उपभोक्ता उत्पादों को और भी किफायती बनाने का रास्ता खोल दिया है. संभावना यह जाहिर की जा रही है कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर) की दरों में सुधार से आम उपभोक्ताओं और उद्योग जगत दोनों को फायदा होगा.

एसी पर जीएसटी में कटौती का प्रस्ताव

वर्तमान में एयर कंडीशनर पर 28% जीएसटी लगता है। सरकार ने इसे घटाकर 18% करने का प्रस्ताव दिया है. यदि यह बदलाव लागू होता है, तो विभिन्न मॉडल के हिसाब से एसी की कीमतें 1,500 रुपये से 2,500 रुपये तक कम हो सकती हैं. इससे न केवल सामान्य उपभोक्ता को लाभ मिलेगा, बल्कि उद्योग को भी बिक्री में बड़ी बढ़त की उम्मीद है.

प्रीमियम और ऊर्जा-कुशल मॉडल की मांग में इजाफा

जीएसटी दर में कमी से ‘प्रीमियम एसी’ और ऊर्जा-कुशल मॉडल्स की मांग बढ़ने की संभावना है. उपभोक्ता लागत लाभ का फायदा उठाते हुए ज्यादा उन्नत और बिजली बचाने वाले मॉडल खरीदने की ओर आकर्षित होंगे. उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव भारतीय बाजार में उपभोक्ताओं की पसंद को नया रूप देगा.

टीवी पर भी मिल सकती है राहत

सिर्फ एसी ही नहीं, बल्कि 32 इंच से बड़े टीवी स्क्रीन पर भी सरकार जीएसटी को 28% से घटाकर 18% करने पर विचार कर रही है. इससे त्योहारों के दौरान बड़े आकार वाले स्मार्ट टीवी की मांग में तेजी आ सकती है.

उद्योग जगत का स्वागत

ब्लू स्टार के प्रबंध निदेशक बी. त्यागराजन ने इस प्रस्ताव को “शानदार कदम” बताया. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अब अगस्त में एसी नहीं खरीदेंगे और सितंबर-अक्टूबर तक इंतजार करेंगे, ताकि कम कीमतों का लाभ उठा सकें. उनका अनुमान है कि अंतिम उपभोक्ता को करीब 10% तक सीधी राहत मिलेगी. इसी तरह, पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा ने कहा कि यदि एसी और उपकरणों पर जीएसटी 28 से घटाकर 18% हो जाता है, तो बाजार में कीमतें छह से 7% तक गिर सकती हैं. इससे सीधे उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।

एसी की पहुंच बढ़ाने का मौका

गोदरेज अप्लायंसेज के बिजनेस हेड कमल नंदी ने कहा कि भारत में अभी भी केवल 9 से 10% घरों में एसी की पहुंच है. ऐसे में जीएसटी में कटौती आम लोगों के लिए एसी को अधिक किफायती बनाएगी और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगी.

टीवी उद्योग की उम्मीदें

सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (एसपीपीएल) के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि जीएसटी में यह कटौती त्योहारों के दौरान उपभोक्तावाद को बढ़ाएगी. उन्होंने अनुमान लगाया कि ब्रांड्स की सालाना वृद्धि दर 20% तक पहुंच सकती है. हालांकि, उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि 32 इंच के स्मार्ट टीवी को 5% जीएसटी स्लैब में लाने पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि इस खंड का बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र से जुड़ा है.

मौसमी चुनौतियों से प्रभावित एसी उद्योग

हालांकि, उद्योग ने हाल ही में कठिनाइयों का भी सामना किया है. बेमौसम की बारिश और समय से पहले आए मानसून के कारण अप्रैल-जून तिमाही में रूम एयर कंडीशनिंग (आरएसी) व्यवसाय पर भारी असर पड़ा. वोल्टास, ब्लू स्टार और हैवेल्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने इस दौरान 13% से 34% तक राजस्व में गिरावट दर्ज की. इससे कंपनियों के लाभ और कुल कारोबार पर दबाव बना. ऐसे में, जीएसटी दरों में प्रस्तावित कटौती से उद्योग को राहत मिल सकती है और मांग को फिर से पटरी पर लाने में मदद मिलेगी.

इसे भी पढ़ें: 8th Pay Commission: लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की बढ़ी बेचैनी, 8वें वेतन आयोग गठन में हो रही देरी

उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों के लिए फायदेमंद

त्योहारों के मौसम से पहले प्रस्तावित जीएसटी 2.0 सुधार उपभोक्ता उत्पाद उद्योग के लिए बड़ा वरदान साबित हो सकता है. इससे न केवल आम लोगों को महंगे उपकरण सस्ते मिलेंगे, बल्कि कंपनियों को भी बिक्री बढ़ाने और घाटे की भरपाई का अवसर मिलेगा. आने वाले महीनों में यदि यह कदम लागू होता है, तो एसी और टीवी जैसे उत्पाद हर घर तक पहुंचने में तेजी पकड़ेंगे और भारतीय उपभोक्ता बाजार को नई ऊर्जा देंगे.

इसे भी पढ़ें: SIP के 12x12x20 फॉर्मूले को जानेगा का बंदा, तो नौकरी को मारेगा लात

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *