अलीगढ़ के विजयगढ़ में आयोजित जाहरवीर मेले में एक दुखद घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया. एक महिला ने बाबा जाहरवीर के दर्शन कर अपने होने वाले पहले बच्चे के लिए मन्नत मांगी, लेकिन कुछ ही देर बाद झूले में ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया. दुर्भाग्यवश, नवजात को बचाया नहीं जा सका, और परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं.
मन्नत मांगी, लेकिन खुशी नहीं मिली
बीती 18 अगस्त 2025 की रात, मानिकपुर गांव की रहने वाली शिवानी अपने परिवार के साथ जाहरवीर बाबा के दर्शन करने आई थीं. अपने पहले बच्चे के आगमन का इंतजार कर रही शिवानी ने बाबा से अपने होने वाले बच्चे के लिए प्रार्थना की और मन्नत मांगी. पूरे परिवार में एक नया सदस्य आने की खुशी थी, और इसी खुशी के साथ वे मेला देखने निकल पड़े.
झूले में अचानक हुआ प्रसव
दर्शन और मन्नत मांगने के बाद, शिवानी अपने परिवार के साथ मेले में लगे 40 फीट ऊंचे झूले में बैठ गईं. झूला चलना शुरू होते ही शिवानी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. प्रसव पीड़ा से कराहते हुए उन्होंने चलते हुए झूले में ही बच्चे को जन्म दे दिया. यह देख, परिवार के लोग घबरा गए और शोर मचाने लगे. आनन-फानन में झूले को रोका गया और मां-नवजात दोनों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया.
परिवार में पसरा मातम
अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत जांच की और नवजात को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों ने बताया कि शिवानी की हालत ठीक है, लेकिन नवजात नहीं बच सका. अपने पहले बच्चे को खो देने का यह दुखद समाचार सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जहां कुछ देर पहले परिवार में खुशी का माहौल था, वहीं अब सभी की आंखों में आंसू थे. यह घटना विजयगढ़ मेले में आने वाले हर शख्स को भावुक कर गई, क्योंकि जिसने बाबा से खुशियों की मन्नत मांगी थी, उसी के हिस्से में इतना बड़ा दुख आया.
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