एक वक्त था जब लोग अपने टाइम पास के लिए मोबाइल पर गेम्स खेला करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. लोग ऑनलाइन गेम्स सिर्फ टाइम पास के लिए नहीं बल्कि कमाई के लिए भी खेल रहे हैं. भारत में ऐसे गेम्स काफी पॉपुलर हैं और बड़ी संख्या में लोग इस तरह के गेम्स खेल रहे हैं.

ऐसे गेम्स को रियल मनी गेम्स (Real Money Games) कहा जाता है. पिछले कुछ सालों में भारतीय बाजार में ऐसे कई गेम्स आए हैं और इनका खूब प्रचार और प्रसार हुआ है. अब सरकार ऐसे गेम्स पर नकेल कसने की तैयारी में है, जिसके लिए ऑनलाइन गेमिंग बिल लाया जा रहा है.

क्या होते हैं रियल मनी गेम्स?

ऐसे गेम्स जहां प्लेयर्स असली पैसे लगाकर गेम खेलते हैं और जीतने पर उन्हें प्राइज मिलता है. ये प्राइस कैश रिवॉर्ड होता है. आसान शब्दों में कहें, तो ऐसे गेम्स, जिनमें यूजर पैसे लगाते हैं और जीतने पर उन्हें कैश प्राइज मिलता है. इस तरह के गेम्स को रियल मनी गेम्स कहते हैं.

इन गेम्स में पैसा लगाने के लिए UPI, कार्ड या वॉलेट का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद प्लेयर्स को उस गेम को खेलना होता है. भारतीय बाजार में रम्मी, फैंटेसी क्रिकेट, लूडो जैसे गेम्स हैं, जिनमें आप पैसे लगा सकते हैं. यहां जीतने पर कैश सीधे आपके अकाउंट में आता है.

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ध्यान रहे कि इन गेम्स में कॉइंस या वर्चुअल रिवार्ड नहीं, बल्कि रियल मनी का लेन-देन होता है. भारत में इस तरह के कई गेम्स मौजूद हैं और लाखों करोड़ रुपये की इंडस्ट्री इस पर बेस्ड है. सरकार ऑनलाइन गेमिंग बिल लेकर आ रही है, जिसे केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है.

ऑनलाइन गेमिंग बिल का क्या होगा असर?

सूत्रों से हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बिल में रियर मनी गेम्स को बैन करने की बात है. यानी ऐसे गेम्स जिसमें सट्टा लगाया जाता है, सरकार उन्हें बैन कर सकती है. हालांकि, आधिकारिक रूप से सरकार ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. इस बिल की वजह से 2 लाख नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. इतना ही नहीं सरकार का खजाना भी कम होगा.

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गेमिंग सेक्टर से सरकार को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये टैक्स के रूप में मिलते हैं. पिछले कुछ सालों में लगभग 400 स्टार्टअप ने इस सेक्टर में एंट्री की है, जिसकी वजह से 25 हजार करोड़ रुपये का फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट आया है. एनालिस्ट्स का मानना है कि ऐसे गेम्स पर बैन की वजह से ना सिर्फ बड़ी संख्या में नौकरी जाएंगी, बल्कि निवेशकों का कॉन्फिडेंस भी कम होगा.

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