शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब की सीट पर लग गई मुहर, समझें रघुनाथपुर से चुनाव लड़ने का गणित – Mohammad Shahabuddin son osama shahab raghunathpur seat RJD political equation ntcpkb


बाहुबली रहे शहाबुद्दीन की सियासी विरासत उनके बेटे ओसामा शहाब संभालने जा रहे हैं. सिवान की रघुनाथपुर विधानसभा सीट से ओसामा शहाब के आरजेडी से चुनाव लड़ने पर फाइनल मुहर लग गई है. रघुनाथपुर सीट से दो बार के विधायक हरिशंकर यादव ने कार्यकर्ता सम्मेलन में ओसामा शहाब को पगड़ी बांधकर साफ कर दिया है कि अब उनकी जगह पर शहाबुद्दीन के बेटे चुनाव लड़ेंगे.

शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब ने इसी साल अप्रैल में लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मिलकर रघुनाथपुर से ओसामा को लड़ाने की बात रखी थी. इसके बाद सार्वजनिक रूप से उन्होंने कहा कि हमारा अपना विधानसभा क्षेत्र है- रघुनाथपुर तो सोचा है कि ओसामा को चुनाव लड़ाएं. इस तरह उन्होंने अपने बेटे के लिए रघुनाथपुर सीट का दावा कर दिया था, जिस पर विधायक हरिशंकर यादव ने फाइनल मुहर लगा दी है.

सिवान जिले की रघुनाथपुर विधानसभा सीट पर फिलहाल आरजेडी का कब्जा है, जहां से लगातार दूसरी बार हरिशंकर यादव विधायक बने हैं. ओसामा शहाब के लिए हरिशंकर यादव ने अपनी परंपरागत रघुनाथपुर सीट छोड़ दी है, लेकिन सवाल यह है कि शहाबुद्दीन के बेटे की सियासी नैया क्या पार हो पाएगी?

रघुनाथपुर से ओसामा शहाब लड़ेंगे चुनाव

सिवान के सदर विधायक अवध बिहारी चौधरी और रघुनाथपुर के विधायक हरीशंकर यादव की मौजूदगी में आरजेडी का कार्यकर्ता सम्मेलन रघुनाथपुर में रखा गया था. इस कार्यक्रम में ओसामा शहाब भी पहुंचे थे, जहां हरीशंकर यादव ने उन्हें पगड़ी बांधकर रघुनाथपुर सीट हवाले कर दी है. अब आरजेडी के टिकट पर ओसामा शहाब रघुनाथपुर सीट से किस्मत आजमा सकते हैं.

अवध बिहारी चौधरी ने भी कहा कि तेजस्वी यादव ने ओसामा शहाब को रघुनाथपुर से चुनावी तैयारी करने के लिए हरी झंडी दे दी है, जिसके चलते वो रघुनाथपुर से चुनाव लड़ेंगे. वहीं, ओसामा शहाब ने कहा कि जिस तरह से आप लोग हरिशंकर यादव को आशीर्वाद देकर विधायक बनाते हैं, हमको भी आशीर्वाद दीजिए. हम आपके हर सुख-दुख में साथ खड़े रहेंगे. इस तरह रघुनाथपुर सीट के टिकट का सस्पेंस खत्म हो गया है और साफ है कि ओसामा शहाब ही किस्मत आजमाएंगे.

ओसामा ने रघुनाथपुर सीट क्यों चुनी?

शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने अपनी सियासी लॉन्चिंग के लिए सिवान की रघुनाथपुर सीट को चुना है. यह सीट यादव-मुस्लिम समीकरण के लिहाज से बेहतर मानी जाती है. इसी समीकरण के सहारे हरिशंकर दो बार से विधायक बने और अब शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने रघुनाथपुर सीट को चुना है ताकि आसानी से जीत दर्ज कर सकें.

शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब लगातार तीन बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें जीत नसीब नहीं हो सकी है. ऐसे में ओसामा शहाब को अपने लिए एक सुरक्षित सीट की तलाश थी. रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में ही पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का पैतृक गांव प्रतापपुर आता है. शहाबुद्दीन के भरोसेमंद को ही रघुनाथपुर क्षेत्र से आरजेडी का टिकट मिलता रहा. हरिशंकर के जीत में शहाबुद्दीन फैक्टर का अहम रोल रहा है और अब उसी फॉर्मूले पर ही ओसामा शहाब ने रघुनाथपुर सीट से चुनाव लड़ने के लिए चयन किया है.

रघुनाथपुर सीट का सियासी समीकरण

रघुनाथपुर विधानसभा सीट हमेशा जिले के लिए खास और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रही है. यह कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों का गृह क्षेत्र होने के कारण चर्चित है. रघुनाथपुर सीट पर 7 बार कांग्रेस का कब्जा रहा और पिछले दो दशकों से खाली हाथ है. साल 1952, 1962 और 1969 में कांग्रेस के रामानंद यादव जीते तो रामदेव सिंह दो बार 1957 और 1967 में जीते, 1972 में श्रीनिवासन सिंह विधायक चुने गए थे.

1977 में विक्रम कुंवर विधायक बने. 1980, 1985 और 1990 में जीत की हैट्रिक लगाने वाले कांग्रेस के विजय शंकर दुबे ने अंतिम बार 2000 में यहां से जीत दर्ज की थी. 2005 में वे निर्दलीय जगमातो देवी से हार गए. 2010 में नए परिसीमन के बाद विधानसभा का चुनाव हुआ तो बीजेपी के विक्रम कुंवर जीते. 2015 में आरजेडी से हरिशंकर यादव को टिकट मिला और वो जीतकर विधायक बने. इसके बाद 2020 में हरिशंकर यादव दोबारा भी जीत दर्ज किए और अब ओसामा शहाब के चुनाव लड़ने की संभावना है.

रघुनाथपुर में यादव-मुस्लिम समीकरण

रघुनाथपुर विधानसभा सीट पर सबसे बड़ी संख्या में मुस्लिम हैं. यहां पर 23 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं, तो राजपूत वोटर 10 फीसदी हैं. रघुनाथपुर सीट पर 12 फीसदी यादव वोटर हैं, तो शाह बिरादरी भी करीब 8 फीसदी हैं. दलित वोटर भी बड़ी संख्या में हैं, तो अतिपिछड़ी जातियां भी निर्णायक भूमिका में हैं.

आरजेडी इस सीट पर मुस्लिम व यादव समीकरण के सहारे जीत दर्ज करती रही है, तो जेडीयू ठाकुर और अति पिछड़ा वर्ग के वोटों के दम पर अपना दबदबा बनाए रखा. यादव और मुस्लिम फॉर्मूले के सहारे शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन सवाल यही है कि क्या हरिशंकर यादव की तरह वो भी जीत दर्ज कर पाएंगे, क्योंकि यह सीट आरजेडी सिर्फ दो बार ही जीत सकी है.

शहाबुद्दीन की विरासत संभाल पाएंगे ओसामा

शहाबुद्दीन की सियासी तूती सिवान ही नहीं बल्कि बिहार में बोलती थी. शहाबुद्दीन खुद जीतते थे और जिस पर हाथ रख देते थे, वो विधायक बन जाता था, लेकिन उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनकी पत्नी हिना शहाब उतरीं. 2009, 2014, 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ीं, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल सकी. लोकसभा चुनाव 2024 की बात की जाए तो हिना शहाब ने निर्दलीय ही चुनाव लड़ा था. इसके बाद भी जीत नहीं सकीं.

अब हिना शहाब खुद चुनाव लड़ने के बजाय अपने बेटे ओसामा शहाब को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है, तो कोई सियासी जोखिम नहीं लेना चाहती. इसीलिए ओसामा शहाब के लिए रघुनाथपुर की सीट तलाशी गई. रघुनाथपुर से विधायक हरिशंकर यादव ने भी ओसामा को सीट सौंप दी है. अब देखना है कि ओसामा शहाब क्या विधानसभा पहुंचने में सफल हो पाते हैं?

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