सीएम रेखा गुप्ता हमला मामला: मोबाइल फोन राज, दिल्ली से गुजरात के लिए खुले हैं – उनके विचारों के बारे में आवश्यक हैं


दिल्ली में ‘जन सुनवाई’ के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी राजेशभाई खिमजी (41) की हर गतिविधि अब दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर है. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने गुजरात के राजकोट से दिल्ली तक की यात्रा के दौरान क्या-क्या किया, किससे मुलाकात की और किन जगहों पर ठहरा, सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी की यात्रा का पूरा रूटमैप तैयार किया जा रहा है. ट्रेन में बैठने से लेकर सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचने तक उसके हर मूवमेंट की जांच होगी. रास्ते में जिन-जिन इलाकों से वह गुजरा, वहां के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस ये भी पता कर रही है कि यात्रा के दौरान उसने किन लोगों से बातचीत या मुलाकात की थी. इससे अहम सबूत हाथ लग सकते हैं.

मोबाइल फोन की जांच में खुलेंगे राज

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन फोरेंसिक टीम को सौंप दिया गया है. डिलीट की गई तस्वीरें, वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा को रिकवर किया जा रहा है. जांचकर्ताओं का मानना है कि मोबाइल फोन से ऐसे अहम सबूत मिल सकते हैं, जिनसे हमले के मकसद और संभावित साजिश की परतें खुल सकें. शुरुआती जांच में पुलिस के हाथ कुछ अहम जानकारियां भी लगी हैं.

खंगाली जा रही पुरानी गतिविधियां

पुलिस जांच में सामने आया है कि राजेशभाई इस साल की शुरुआत में राजकोट में आवारा जानवरों के समर्थन में हुए एक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बना था. अब यह पड़ताल हो रही है कि उसकी उस सक्रियता और दिल्ली में सीएम पर हमले के बीच कोई कड़ी है या नहीं. इस केस की जांच में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ खुफिया ब्यूरो और कई केंद्रीय एजेंसियां भी जुटी हुई हैं.

आवास और ऑफिस की सुरक्षा बढ़ी

इस हमले के बाद मुख्यमंत्री आवास और कैंप कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया गया है. गुरुवार को सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने रेखा गुप्ता के सिविल लाइंस स्थित घर पहुंचकर सिक्योरिटी प्लान की समीक्षा की. अब ‘जन सुनवाई’ के दौरान सीआरपीएफ जवान भी तैनात रहेंगे. इसके अलावा 360 डिग्री निगरानी के लिए एक सुरक्षा टावर लगाने की योजना पर काम चल रहा है.

कैंप ऑफिस से हटेंगे ब्लाइंड स्पॉट

दिल्ली की सीएम पर जहां हमला हुआ था, उस ‘जन सेवा सदन’ परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की पोजीशन बदलने का काम शुरू हो गया है, ताकि ब्लाइंड स्पॉट खत्म किए जा सकें. प्रवेश प्रक्रियाओं की भी समीक्षा होगी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन सभी उपायों का मकसद सुरक्षा में हुई चूक को तुरंत दुरुस्त करना है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री को अब जेड प्लस सुरक्षा कवर भी मिल गया है.

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