यूपी के सहारनपुर में चौंकाने वाली घटना सामने आई. यहां गूगल मैप के भरोसे चल रही एक कार बरसाती नदी में जा गिरी. यह कार मेरठ यूनिवर्सिटी के छात्रों की थी, जो धार्मिक यात्रा पर निकले थे. छात्र जैसे-तैसे बाहर निकले. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कार को बाहर निकाला गया.

जानकारी के अनुसार, छात्र नेता सूर्या अपने तीन दोस्तों आदित्य, वरुण और अंशुल के साथ अंबाला के शाहबाद कस्बे में स्थित महर्षि मारकंडेश्वर मंदिर जा रहे थे. सफर के दौरान जब वे सहारनपुर के सरसावा इलाके में पहुंचे तो उन्होंने गूगल मैप की मदद से मंदिर की लोकेशन सर्च की. मैप ने उन्हें सिरोही पैलेस के पास से एक छोटा रास्ता दिखाया. छात्रों ने उसी रास्ते पर कार मोड़ दी.

रास्ता कुछ दूरी तक सही नजर आया, लेकिन अचानक वह रास्ता बरसाती नदी की ओर मुड़ गया. कार चला रहे आदित्य को समझ नहीं आया कि सामने गहरी पानी से भरी बरसाती नदी है. तेज रफ्तार में कार सीधी नदी में जा गिरी.

घटना के बाद कार में बैठे चारों छात्र घबरा गए. पानी तेजी से कार में भरने लगा, लेकिन छात्रों ने हिम्मत दिखाई और तुरंत कार के शीशे नीचे करके बाहर निकलने की कोशिश की. चारों दोस्तों ने एक-एक कर कार से छलांग लगाई और तैरकर बाहर आ गए. गनीमत रही कि समय रहते सभी सुरक्षित निकल आए.

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तालाब में कार के गिरने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे. कुछ लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, 112 पर कॉल किया गया. थोड़ी ही देर में पुलिस टीम भी पहुंच गई. ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला. कार पूरी तरह पानी में डूब चुकी थी और उसे निकालने में काफी मेहनत करनी पड़ी.

छात्रों ने पुलिस को बताया कि यह पूरा हादसा गूगल मैप पर भरोसा करने की वजह से हुआ है. उनका कहना था कि उन्होंने मैप पर मंदिर की लोकेशन डाली थी और उसी के अनुसार चलते हुए कार बरसाती नदी में जा गिरी. ग्रामीणों का कहना था कि यह रास्ता बिल्कुल भी कार के लिए नहीं है, लेकिन गूगल मैप अक्सर इसे दिखा देता है.

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