Lord Swaraj Paul Net Worth: अपने पीछे अरबों की संपत्ति और परोपकार की अमर विरासत छोड़ गए लॉर्ड स्वराज पॉल

ByCrank10

August 22, 2025



लॉर्ड स्वराज पॉल नेट वर्थ: लॉर्ड स्वराज पॉल (Lord Swaraj Paul) का नाम भारतीय मूल के उन सफल प्रवासी उद्योगपतियों में लिया जाता है, जिन्होंने न सिर्फ व्यापार जगत में सफलता पाई, बल्कि परोपकार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी अमूल्य योगदान दिया. जालंधर की गलियों से निकलकर ब्रिटेन की संसद के उच्च सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स तक का उनका सफर प्रेरणा से भरा है. 21 अगस्त 2025 को 94 वर्ष की आयु में उनके निधन ने एक ऐसे युग का अंत कर दिया, जो उद्यमिता, दानशीलता और भारतीय मूल्यों से परिपूर्ण था.

शुरुआती जीवन और शिक्षा

लॉर्ड पॉल का जन्म 18 फरवरी 1931 को जालंधर में प्यारे लाल के घर हुआ था. उनका परिवार पहले से ही व्यापार से जुड़ा हुआ था और उनके पिता स्टील उत्पादों जैसे बाल्टी और कृषि उपकरणों का निर्माण करने वाला छोटा ढलाईखाना चलाते थे. बचपन से ही पॉल उद्योग और मेहनत की दुनिया से परिचित हो गए थे. उन्होंने जालंधर में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और 1949 में पंजाब विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक की उपाधि हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने अमेरिका का रुख किया और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीएससी और एमएससी की डिग्रियां प्राप्त कीं.

पारिवारिक जीवन और बेटी अंबिका की प्रेरणा

एमआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वराज पॉल भारत लौटे और एपीजे सुरेंद्र ग्रुप के व्यवसाय में शामिल हो गए. लेकिन 1966 में उनकी जिंदगी ने दुखद मोड़ लिया. उनकी बेटी अंबिका को ‘ल्यूकेमिया’ हो गया और उसका इलाज कराने के लिए वह ब्रिटेन चले गए. दुर्भाग्यवश, मात्र चार साल की उम्र में उनकी बेटी का निधन हो गया. यही घटना उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई. बेटी की याद में उन्होंने अंबिका पॉल फाउंडेशन की स्थापना की, जो बाद में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुनिया भर में बच्चों के कल्याण के लिए समर्पित हो गया.

ब्रिटेन में उद्यमिता की नींव: कपारो ग्रुप

ब्रिटेन पहुंचने के बाद स्वराज पॉल ने 1968 में लंदन में कपारो ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की स्थापना की. शुरुआती दौर में उन्होंने नेचुरल गैस ट्यूब्स का उत्पादन शुरू किया, जो धीरे-धीरे एक बड़े औद्योगिक साम्राज्य में बदल गया. कपारो ग्रुप ब्रिटेन के सबसे बड़े इस्पात रूपांतरण और वितरण व्यवसायों में से एक बना. कंपनी के पास स्टील से जुड़े उत्पादों की विस्तृत शृंखला थी और यह यूरोप, उत्तरी अमेरिका, भारत और मध्य पूर्व में 10,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती थी. आज कपारो ग्रुप का कारोबार एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है और इसका संचालन ब्रिटेन, भारत, अमेरिका, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात तक फैला है.

कुल संपत्ति और रिच लिस्ट में स्थान

2025 में, द संडे टाइम्स और पॉलिटिको जैसे प्रतिष्ठित स्रोतों ने लॉर्ड पॉल की कुल संपत्ति लगभग 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी. वे ब्रिटेन की संडे टाइम्स रिच लिस्ट में 81वें स्थान पर थे. लंदन के पोर्टलैंड प्लेस और आसपास के दर्जनों आलीशान अपार्टमेंट्स उनके और उनके परिवार की संपत्ति का हिस्सा हैं, जिनमें से प्रत्येक की कीमत करीब 1.1 मिलियन डॉलर बताई जाती है. इसके अलावा, बकिंघमशायर में उनकी शानदार कंट्री एस्टेट द ग्रेंज भी उनकी संपत्तियों में शामिल है. इस संपत्ति और विरासत ने उन्हें न केवल ब्रिटेन बल्कि वैश्विक स्तर पर सबसे धनी प्रवासी भारतीयों में शामिल किया.

परोपकार और दानशीलता की विरासत

लॉर्ड पॉल का व्यक्तित्व सिर्फ एक उद्योगपति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाज कल्याण और शिक्षा पर खर्च किया. अंबिका पॉल फाउंडेशन (बाद में अरुणा एंड अंबिका पॉल फाउंडेशन) के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य परियोजनाओं को लाखों डॉलर दान किए. लंदन चिड़ियाघर का बच्चों का सेक्शन उनकी बेटी की स्मृति में बनाया गया और वर्षों से बच्चों की पसंदीदा जगह बना हुआ है. वॉल्वरहैम्प्टन विश्वविद्यालय को लगभग 1.1 मिलियन डॉलर का दान दिया और 26 वर्षों तक वहां के कुलाधिपति रहे. MIT को भी 5 मिलियन डॉलर दान किए. उनकी परोपकारी सोच का ही परिणाम था कि उन्हें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर ब्रिटेन की राजनीतिक हस्तियों तक ने सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया.

हाउस ऑफ लॉर्ड्स में योगदान

लॉर्ड पॉल को 1996 में ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में लाइफ पीयर बनाया गया. उन्हें वेस्टमिंस्टर शहर में मैरीलेबोन का बैरन पॉल घोषित किया गया. वे एक लेबर पीयर के रूप में सक्रिय राजनीति का हिस्सा बने. 2009 में वे हाउस ऑफ लॉर्ड्स के उपाध्यक्ष भी रहे. भारतीय प्रवासी समुदाय के मुद्दों और शिक्षा को लेकर उन्होंने संसद में कई बार आवाज उठाई. उनकी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता ने उन्हें ब्रिटेन में भारतीय मूल के सबसे सम्मानित चेहरों में शामिल किया.

निजी जीवन के दुखद अध्याय

हालांकि व्यापार और समाजसेवा में उन्हें अपार सफलता मिली, लेकिन उनका निजी जीवन कई दुखों से भरा रहा. 1960 के दशक में बेटी अंबिका का निधन हो गया. 2015 में बेटे अंगद पॉल की असामयिक मृत्यु हो गई. इसके बाद दुखों का पहाड़ तब टूटा, जब 2022 में पत्नी अरुणा का निधन हो गया. इन व्यक्तिगत क्षतियों के बावजूद उन्होंने खुद को परोपकारी कार्यों के लिए समर्पित रखा और अपनी पत्नी के निधन के बाद अरुणा एंड अंबिका पॉल फाउंडेशन के नाम से फाउंडेशन को आगे बढ़ाया.

भारतीय व्यापार परिदृश्य और विवाद

भारत में 1980 के दशक के दौरान लॉर्ड पॉल उस समय सुर्खियों में आए, जब उन्होंने एस्कॉर्ट्स ग्रुप और डीसीएम ग्रुप पर कब्जा करने की कोशिश की. यह प्रयास इतना बड़ा था कि तत्कालीन सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा. हालांकि, वह सौदा सफल नहीं हो सका, लेकिन इसने उन्हें भारतीय कॉरपोरेट जगत में एक आक्रामक निवेशक के रूप में स्थापित किया.

विरासत और अंतिम दिन

अपने अंतिम दिनों में स्वास्थ्य कमजोर होने के बावजूद लॉर्ड पॉल हाउस ऑफ लॉर्ड्स की बैठकों में शामिल होते रहे. 21 अगस्त 2025 की शाम लंदन में परिवार की मौजूदगी में उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन पर ब्रिटेन और भारत दोनों देशों में गहरा शोक व्यक्त किया गया. उनके सहयोगी लॉर्ड रामी रेंजर ने कहा, “हम दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.”

इसे भी पढ़ें: एसआईपी से होती है लाखों की कमाई, मगर कैसे? बिना जानकारी के खा सकते हैं गच्चा, जानें आसान टिप्स

व्यक्तिगत दुखों के बावजूद डटे रहे लॉर्ड स्वराज पॉल

लॉर्ड स्वराज पॉल का जीवन इस बात का साक्षात उदाहरण है कि कठिनाइयों और व्यक्तिगत दुखों के बावजूद यदि व्यक्ति अपने संकल्प पर डटा रहे, तो वह न केवल व्यावसायिक सफलता प्राप्त कर सकता है, बल्कि समाज के लिए भी एक अमूल्य धरोहर छोड़ सकता है. जालंधर से शुरू हुई उनकी यात्रा लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स तक पहुंची और 2.5 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ-साथ अनगिनत लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ गई. आज उनका नाम न केवल एक उद्योगपति के रूप में लिया जाएगा, बल्कि एक सच्चे परोपकारी और समाजसेवी के रूप में भी अमर रहेगा.

इसे भी पढ़ें: 5%, 12%, 18% और 28% नहीं, जीएसटी के दो स्लैब पर GoM की लगी मुहर

पोस्ट Lord Swaraj Paul Net Worth: अपने पीछे अरबों की संपत्ति और परोपकार की अमर विरासत छोड़ गए लॉर्ड स्वराज पॉल पहले दिखाई दिया Prabhat Khabar



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *