एक शादी, दो लिव-इन और हवस… पुलिस ने ऐसे सुलझाई झांसी के रचना यादव मर्डर केस की गुत्थी, 7 टुकड़ों में मिली थी लाश – jhansi rachna yadav murder mystery body in well sanjay patel arrested crime ntcpvz


Jhansi Rachna Yadav Murder Case: झांसी के एक गांव में एक कुएं से बोरी में बंद लाश के टुकड़े बरामद होने से सनसनी फैल गई थी.  गांव वाले दहशत में थे और पुलिस हैरान कि आखिर इतनी बेरहमी से हत्या किसने और क्यों की होगी? सिर और पैर गायब होने की वजह से लाश की पहचान कर पाना सबसे बड़ी चुनौती थी. पुलिस ने 10 टीमें बनाकर सौ से ज्यादा गांवों में छानबीन की और हजारों पोस्टर चिपकाए. आखिरकार एक सुराग ने इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री से पर्दा हटा दिया.

कुएं से मिले लाश के टुकड़े
13 अगस्त की बात है. यूपी के झांसी जिले के टोड़ीफतेहपुर थाना क्षेत्र का एक गांव है किशोरपुर. जहां एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई. गांव के एक किसान ने अपने खेत के कुएं में दो बोरियां तैरती देखीं. जब इन्हें बाहर निकाला गया तो अंदर से महिला के शरीर के टुकड़े बरामद हुए. लाश सात टुकड़ों में बंटी थी. मगर उसके सिर और पैर गायब थे. इस खौफनाक बरामदगी से गांव और पुलिस दोनों दंग रह गए.

जांच के लिए बनीं पुलिस टीमें
इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने 8 से लेकर 10 टीमें गठित कीं. कुएं को खाली कराया गया और तलाशी के दौरान एक और बोरी मिली, जिसमें महिला का हाथ रखा था. बावजूद इसके सिर और दोनों पैर का सुराग नहीं मिला. लाश की हालत देखकर पुलिस को साफ हो गया कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई है और पहचान छिपाने के लिए सिर-पैर काटे गए हैं.

महिला की पहचान बनी चुनौती
सिर और पैरों के गायब होने के कारण शिनाख्त करना मुश्किल था. पुलिस ने इलाके के 100 से ज्यादा गांवों में पूछताछ की और 200 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. मृतका की उम्र लगभग 33 से 35 साल आंकी गई. साथ ही कपड़ों और गहनों को आधार बनाकर पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी किए. लेकिन पांच दिन तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला.

पोस्टर से मिली अहम जानकारी
आखिरकार, पुलिस द्वारा लगाए गए 1000 से ज्यादा पोस्टरों से ही कामयाबी मिली. पुलिस का पोस्टर देखकर एक शख्स ने पुलिस से संपर्क किया. उसने पुलिस को बताया कि उसकी बहन चार दिन से गायब है. इस जानकारी के बाद महिला की पहचान टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) की रहने वाली रचना यादव के रूप में हुई. रचना विधवा थी और अपने ससुराल वालों के खिलाफ चल रहे मुकदमे की पैरवी कर रही थी.

अवैध संबंधों का खुलासा
पुलिस जांच में पता चला कि रचना यादव की मुलाकात झांसी के महेबा गांव के पूर्व प्रधान संजय पटेल से हुई थी. दोनों के बीच धीरे-धीरे नज़दीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहने लगे. लेकिन रचना ने जब संजय पर शादी और पैसों का दबाव डालना शुरू किया, तो संजय परेशान हो गया. यही तनाव इस खौफनाक हत्याकांड की वजह बन गया.

ऐसे रची गई हत्या की साजिश
संजय पटेल ने अपने भतीजे संदीप पटेल और साथी प्रदीप अहिरवार के साथ मिलकर रचना यादव को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. उन तीनों मिलकर रचना के कत्ल की खूनी साजिश रच डाली. योजना के तहत रचना की बेरहमी से हत्या की गई और उसके शरीर को टुकड़ों में काटकर बोरी में भर दिया गया. पहचान छिपाने के लिए सिर और पैर गायब कर दिए गए और लाश के हिस्से कुएं में फेंक दिए गए.

पहले गिरफ्तार हुए संजय और संदीप
पुलिस ने जांच में तेजी दिखाते हुए सबसे पहले मुख्य आरोपी संजय पटेल और उसके भतीजे संदीप पटेल को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया और पूरी साजिश का खुलासा भी कर दिया. उन्होंने बताया कि रचना का दबाव और उससे बढ़ता विवाद इस हत्या की बड़ी वजह बन गया.

तीसरा आरोपी प्रदीप पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से घायल हो गया

फरार था तीसरा आरोपी प्रदीप
इस हत्याकांड का तीसरा आरोपी और संजय पटेल का साथी प्रदीप अहिरवार अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर था. पुलिस ने उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया. पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं. जिसके चलते आखिरकार प्रदीप की लोकेशन झांसी के पास मिली. पुलिस टीम ने वहीं घेराबंदी कर उसे पकड़ने की कोशिश की.

मुठभेड़ के बाद हुई गिरफ्तारी
लेकिन प्रदीप ने भागने का प्रयास किया और पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हो गई. इस दौरान आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे काबू कर लिया गया. पुलिस ने उसके पास से हथियार और गोलियां बरामद कीं. इस गिरफ्तारी के साथ ही रचना यादव हत्याकांड की गुत्थी पूरी तरह सुलझ गई.

चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी संजय पटेल ने बताया कि रचना पहले पति और बच्चों को छोड़ चुकी थी. दूसरे पति की मौत के बाद वह अकेली रह गई थी. अपने ससुराल वालों से मुकदमे के दौरान वह संजय के संपर्क में आई और वहीं से उनका रिश्ता शुरू हुआ. लेकिन जब यह रिश्ता संजय पटेल के लिए बोझ बन गया तो उसी ने उसकी जान ले ली.

कौन थी रचना यादव?
रचना यादव की पहली शादी टीकमगढ़ में हुई थी, जिससे उसके दो बच्चे हैं. पति से अनबन के बाद वह मायके लौट आई थी. बाद में वह झांसी के शिवराज यादव के साथ रहने लगी थी. लेकिन 2023 में विवाद होने पर उसने शिवराज के भाई पर दुष्कर्म और हत्या की कोशिश का केस दर्ज कराया था. इसी केस की पैरवी के दौरान उसकी मुलाकात संजय पटेल से हुई और यही रिश्ता उसके कत्ल की वजह बन गया.

सुलझ गई कत्ल की गुत्थी
सिर कटी लाश से शुरू हुआ यह ब्लाइंड मर्डर केस आखिरकार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सुलझ गया. पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही रचना के सिर और पैर भी बरामद कर लिए जाएंगे. इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे बुंदेलखंड को हिला दिया है और गांव में दहशत का माहौल है.

(झांसी से प्रमोद कुमार गौतम का इनपुट)

—- समाप्त —-

झांसी में महिला की हत्या



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *