भारतीय शेयर बाजार में पैसे लगाने वालों के लिए गुरुवार का दिन बेहद खराब साबित हुआ. मार्केट में लार्जकैप से लेकर स्मॉलकैप तक हर सेक्टर लाल रंग में रंगा नजर आया. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के तेल युद्ध में तब्दील होने से मार्केट का सेंटिमेंट ऐसा बिगड़ा कि बीएसई का सेंसेक्स करीब 2500 अंक की गिरावट लेकर बंद हुआ, तो एनएसई का निफ्टी 775 अंक फिसल गया. बाजार में आई इस तबाही के चलते निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. शेयर मार्केट क्रैश होने के पीछे के बड़े कारणों को देखें, तो एक नहीं कई नजर आ रहे हैं.
शेयर मार्केट में करीब 1900 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ ओपनिंग करने वाला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मार्केट क्लोज होने पर 2496 अंक या 3.26% फिसलकर 74,207 पर बंद हुआ. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स ने 775 अंक या 3.26% फिसलकर 23,002 पर क्लोजिंग की. आखिरी घंटे के कारोबार के दौरान Sensex 2700 अंक से ज्यादा, जबकि Nifty करीब 850 अंक तक फिसला था.
बाजार में तबाही से तगड़ा नुकसान
मार्केट में मची इस तबाही के चलते शेयर बाजार के सभी सेक्टोरल इंडेक्स रेज जोन में बंद हुए. सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, निफ्टी FMCG और PSU Banks में देखने को मिली. निवेशकों को हुए नुकसान का आंकड़ा देखें, तो बीते कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 438 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार को बाजार बंद होने पर 426 लाख करोड़ रुपये के करीब रह गया. इस हिसाब से निवेशकों की करीब 12 लाख करोड़ रुपये की दौलत स्वाहा हो गई.
ये 10 शेयर सबसे ज्यादा टूटे
मार्केट में कारोबार खत्म होने पर सबसे ज्यादा गिरावट लेकर बंद हुए शेयरों को देखें…
| शेयर का नाम | गिरावट | प्राइस |
| शाश्वत शेयर | 5.65% | 228.90 रुपये |
| Bajaj Fin Share | 5.42% | 832 रुपये |
| एम एंड एम शेयर | 5.25% | 3045.60 रुपये |
| एचडीएफसी बैंक शेयर | 5.13% | 799.70 रुपये |
| एलटी शेयर | 4.72% | 4157.20 रुपये |
| इंडिगो शेयर | 4.66% | 4157.20 रुपये |
| ट्रेंट शेयर | 4.32% | 3481.60 रुपये |
| इंफोसिस शेयर | 3.69% | 1220.65 रुपये |
| मारुति शेयर | 3.55% | 12,591.45 रुपये |
| टीसीएस शेयर | 3.47% | 2356.55 रुपये |
शेयर बाजार में क्रैश के बड़े कारण
पहला कारण: शेयर बाजार में गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच तेल-गैस प्लांट पर हमलों के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल है. गुरुवार को Crude Oil Price 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
दूसरा कारण: एशियाई बाजारों में कोहराम भारतीय शेयर मार्केट में गिरावट का दूसरा बड़ा कारण रहा, जिसने निवेशकों के सेंटिमेंट पर निगेटिव असर डाला. जापान, कोरिया से लेकर हांगकांग समेत अन्य एशियन मार्केट बुरी तरह टूटे नजर आए.
तीसरा कारण: बाजार में तबाही के तीसरे कारण को देखें, तो India VIX में जोरदार उछाल आया है, जो शेयर मार्केट के डर का पैमाना माना जाता है. ये पिछले तीन दिन से टूट रहा था, लेकिन गुरुवार को 22 फीसदी तक चढ़ गया.
चौथा कारण: भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के पीछे ग्लोबल कारणों के अलावा घरेलू वजह भी रही, जिसने बड़ा रोल निभाया. दरअसल, HDFC Bank के पार्ट टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती द्वारा इस्तीफा देने के बाद HDFC Bank Share बुरी तरह टूटा और कारोबार के दौरान 8 फीसदी तक फिसल गया.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
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