लिवर को खराब कर सकती हैं मीठी चीजें! ऐसे लोग खासतौर पर रहें बचकर – Liver damage sugary diets more harmful for Low testosterone peoples tvism


मीठी चीजें खाने को अक्सर खराब सेहत से जोड़ा जाता है. वहीं जिन लोगों को कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें और खासतौर पर मीठा खाने से बचना चाहिए. हाल ही में एक स्टडी हुई है जिसमें सामने आया है कि जिन लोगों का टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होता है, उन लोगों को मीठे के सेवन से बचना चाहिए वरना लिवर में फैट जमा होगा और ज्यादा फ्रक्टोज वाली डाइट मिलकर उसकी स्पीड तेज कर देगी. इससे फैटी लिवर डिजीज (MASLD) का खतरा बढ़ता है. आइए जानते हैं कौन सी चीनी से लिवर को अधिक खतरा है.

क्या कहती है स्टडी

जापान की ओसाका मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने ‘Scientific Reports’ जर्नल में एक स्टडी पब्लिश की है जिसमें 8 हफ्ते के नर चूहों पर टेस्ट किया गया.

सामान्य टेस्टोस्टेरोन वाले चूहों को हाई-फ्रक्टोज डाइट दी गई तो उनके लिवर में मामूली फैट की मात्रा बढ़ी थी लेकिन जब कम टेस्टोस्टेरोन लेवल (कैस्ट्रेटेड) वाले चूहों को फ्रक्टोज डाइट दी गई तो उनके लिवर का वजन बढ़ गया क्योंकि लिवर में फैट जमा होने लगा था. एंटीबायोटिक्स देने पर ये असर कम हुआ था जो गट बैक्टीरिया की भूमिका बताता है.

स्टडी में पाया गया कि कम टेस्टोस्टेरोन और फ्रक्टोज ने पेट और आंतों में रहने वाले अरबों सूक्ष्म जीवों का समूह (गट माइक्रोबायोटा) को बदल दिया था. इससे आंत में पाइरुवेट लेवल बढ़ गया जो लिवर सेल्स में न्यूट्रल फैट जमा करने का काम करता है. फ्रक्टोज मीठे ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड्स और पैकेज्ड स्नैक्स में भरपूर मात्रा में पाया जाता है.

फैटी लिवर डिजीज क्या है?

फैटी लिवर, जिसे अब मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) कहते हैं, लिवर सेल्स में एक्स्ट्रा फैट जमा होने से होता है. ये मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का शुरुआती चरण है. दुनिया भर में यह तेजी से बढ़ रही है. ओबेसिटी, टाइप-2 डायबिटीज, हाई फ्रक्टोज इनटेक और हार्मोनल चेंजेस इसके प्रमुख कारण हैं. कम टेस्टोस्टेरोन वाले मरीजों में मीठी डाइट का खतरा दोगुना हो जाता है.

इंसानों पर असर और सलाह

हालांकि स्टडी चूहों पर हुई लेकिन ये इंसानों के लिए चेतावनी है. उम्र बढ़ने, ओबेसिटी या क्रॉनिक बीमारियों से टेस्टोस्टेरोन कम होता है. ऐसे में कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयां और प्रोसेस्ड फूड्स से लिवर को नुकसान तेजी से होता है. गट-लिवर एक्सिस महत्वपूर्ण है.

डॉक्टर्स कहते हैं, मीठा कम करें, हेल्दी डाइट लें और टेस्टोस्टेरोन चेक करवाएं. भविष्य में गट माइक्रोबायोटा टारगेटेड थेरेपी विकसित हो सकती है.

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य रिसर्च और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प ना समझें.)

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *