हीलियम ने हिला दिया दुनिया को… कतर पर ईरानी हमले से पूरी टेक इंडस्ट्री लाइफ सपोर्ट पर – global helium shortage iran attack on Qatar ras Laffan plant

ByCrank10

March 20, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


ईरान और अमेरिका-इजराइल जंग में अब नया मोड़ आ गया है. ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल और ड्रोन हमला कर दिया. ये प्लांट दुनिया का सबसे बड़ा LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) प्लांट है. हमले से प्लांट में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ है.

कतर एनर्जी के CEO ने कहा कि प्लांट की 17% क्षमता पर काम कर रही है. फिलहाल 3 से 5 साल तक बंद रहेगी. इसे ठीक करने में इतना समय लगेगा. सबसे बड़ी समस्या ये है कि हीलियम गैस का उत्पादन भी रुक गया. कतर दुनिया का 33% हीलियम सप्लाई करता था. अब पूरी दुनिया का एक तिहाई हीलियम एक रात में गायब हो गया.

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वैश्विक हीलियम की कमी
कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी की सैटेलाइट तस्वीर. (फोटो: गेटी)

हीलियम क्या है और क्यों जरूरी?

हीलियम एक बहुत हल्की और ठंडी गैस है. ये चिप फैक्ट्री (सेमीकंडक्टर) में मशीनों को ठंडा रखने के लिए, MRI मशीनों में, रॉकेट फ्यूल और कई इंडस्ट्री में इस्तेमाल होती है. इसके कोई सस्ता विकल्प नहीं है. अब सप्लाई बंद होने से कीमतें दोगुनी हो गई हैं. कई देशों में संकट शुरू हो गया है.

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कौन-कौन से देश सबसे ज्यादा परेशान?

दुनिया भर के 12 बड़े देश इस हमले से सीधे प्रभावित हुए हैं…

वैश्विक हीलियम की कमी
दुनिया की बड़ी चिप फैक्टरियां अब खतरे में हैं. (फोटो: अनप्लैश)
  • दक्षिण कोरिया: कतर से 64.7% हीलियम आयात करता है. सैमसंग और SK Hynix की चिप फैक्टरियां अब खतरे में हैं.
  • ताइवान: TSMC यहां 18% दुनिया के चिप बनाता है. कंपनी कह रही है- मॉनिटरिंग कर रहे हैं, लेकिन अंदर से घबराहट है.
  • जापान: चिप फैब और MRI मशीन बनाने वाला बड़ा केंद्र. अगर 60 दिन से ज्यादा बंद रहा कतर का प्लांट तो सबसे पहले यहां खत्म होगा काम.
  • सिंगापुर: सेमीकंडक्टर हब है. वैज्ञानिक रिपोर्ट्स में पहले से ही कतर पर निर्भरता बताई गई थी.
  • भारत: अस्पतालों की MRI मशीनों के लिए कतर से हीलियम आता है. अब स्कैन महंगे हो रहे हैं.
  • जर्मनी: Linde और Air Liquide जैसी कंपनियां सप्लाई करती हैं. हीलियम की कीमत 100% बढ़ गई, अब राशनिंग शुरू हो गई है.
  • अमेरिका: पुराना हीलियम रिजर्व खत्म हो रहा है. HP, Dell, Lenovo ने ग्राहकों को चेतावनी दी – 15-20% कीमत बढ़ेगी.
  • ब्रिटेन: NHS अस्पतालों की MRI मशीनें प्रभावित. ब्रिटेन में खुद हीलियम नहीं बनता.
  • फ्रांस: Air Liquide यहां है लेकिन नया हीलियम नहीं बना सकती.
  • चीन: चिप फैब और MRI के लिए आयात करता है. अब साइबेरिया में खुद खोजने की कोशिश कर रहा है.
  • ऑस्ट्रेलिया: थोड़ा एक्सपोर्टर है, लेकिन कतर का पूरा गैप नहीं भर सकता.

वैश्विक हीलियम की कमी

क्या होगा आगे?

कतर ने कहा कि प्लांट 5 साल तक डैमेज रह सकती है. कोई नया प्लांट तुरंत शुरू नहीं हो सकता. हीलियम बनाने में जल्दी नहीं की जा सकती. चिप बनाने वाली कंपनियां पहले से ही स्टॉक खत्म होने पर हैं. अगर ये संकट 2-3 महीने चला तो स्मार्टफोन, लैपटॉप, AI चिप्स, कारें और एमआरआई स्कैन सब महंगे और कम हो जाएंगे.

पूरी टेक इंडस्ट्री और मेडिकल इंडस्ट्री लाइफ सपोर्ट पर आ गई है. मिडिल ईस्ट में एक छोटा सा हमला पूरे विश्व की टेक और मेडिकल इंडस्ट्री को हिला दिया. कतर का 33% हीलियम सप्लाई बंद होने से 12 देश सीधे प्रभावित हैं. अब कीमतें बढ़ रही हैं. उत्पादन रुक रहा है.

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