यूपी समाचार: झांसी की 12 सदस्यीय विजिलेंस टीम ने महोबा जिले के एक निजी होटल के बेसमेंट में जाल बिछाकर स्वास्थ्य विभाग के लॉजिस्टिक मैनेजर जितेश सोनी को दबोच लिया. गिरफ्तारी के दौरान आरोपी चीखता-चिल्लाता रहा लेकिन विजिलेंस टीम उसे जबरन घसीट कर ले गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पनवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात संविदा कर्मचारी मिराज मोहम्मद ने ट्रांसफर के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी. जितेश सोनी ने मिराज से साढे़ तीन लाख रुपये मांगे थे, जिसकी पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये लेते समय उसे रंगे हाथों पकड़ा गया. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को शहर कोतवाली में हिरासत में लिया है.

होटल के बेसमेंट में बिछाया गया जाल

विजिलेंस टीम का नेतृत्व प्रभारी पीयूष पांडे कर रहे थे, जिसमें निरीक्षक शेषमणि त्रिपाठी और इंस्पेक्टर नीरज सहित अन्य सदस्य शामिल थे. योजना के मुताबिक, जैसे ही जितेश सोनी रिश्वत की रकम लेने शहर के राघव होटल पहुंचा, सादे कपड़ों में तैनात टीम ने उसे घेर लिया. गिरफ्तारी के दौरान आरोपी मैनेजर खुद को बचाने के लिए रोता-चिल्लाता रहा, लेकिन विजिलेंस ने उसे रंगे हाथों पकड़ने के बाद सीधे कोतवाली पहुंचा दिया। इस कार्रवाई से पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.

ट्रांसफर के नाम पर मांगी गई थी मोटी रकम

पीड़ित मिराज मोहम्मद मूल रूप से हमीरपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में पनवाड़ी में तैनात हैं. कबरई से पनवाड़ी ट्रांसफर होने के बाद घर से दूरी बढ़ने के कारण वे वापस ट्रांसफर या समायोजन चाहते थे. मिराज का आरोप है कि सीएमओ ने उन्हें इस काम के लिए जितेश से मिलने की सलाह दी थी. इसके बाद जितेश ने बाबू की तरह रसूख दिखाते हुए काम के बदले साढे़ तीन लाख रुपये की डिमांड रख दी. भ्रष्टाचार से तंग आकर मिराज ने झांसी विजिलेंस से मदद मांगी.

भ्रष्टाचार की जड़ों पर विजिलेंस का कड़ा प्रहार

जितेश सोनी लंबे समय से सीएमओ कार्यालय में महत्वपूर्ण कार्यभार संभाल रहा था. विभाग में उसकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि वह एक बाबू की तरह सारे फैसले लेता था. पुलिस अब उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी कर रही है. इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग के भीतर फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है. विजिलेंस की इस सीधी चोट के बाद अब अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में भी भारी डर देखा जा रहा है.

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