बुजुर्ग पर मधुमक्खियों का हमला… डंक लगने से बिगड़ी हालत, रेस्क्यू टीम ने कोरोना वाली PPE किट पहनकर बचाई जान – alwar honey bee attack elderly injured ppe kit ambulance rescue lcla


राजस्थान के अलवर में मधुमक्खियों के झुंड ने एक बुजुर्ग पर हमला कर दिया. करीब 1000 से अधिक मधुमक्खियों ने उन्हें घेर लिया. डंक लगने से उनकी हालत गंभीर हो गई. हालांकि, समय रहते पहुंची 108 एंबुलेंस टीम की सूझबूझ से उनकी जान बचाई जा सकी.

घटना खैरथल के तातारपुर थाना क्षेत्र के ढेलावास गांव की है. 56 साल के धूल सिंह शुक्रवार को अपने खेत की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला बोल दिया. देखते ही देखते मधुमक्खियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और डंक मारने लगीं. अचानक हुए इस हमले से आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई. स्थिति इतनी भयावह थी कि कोई भी व्यक्ति उनकी मदद के लिए पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था.

अलवर मधुमक्खी के हमले में बुजुर्ग घायल पीपीई किट एम्बुलेंस बचाव

घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची. एंबुलेंस कर्मी सीताराम और महेंद्र यादव ने हालात की गंभीरता को समझते हुए तुरंत साहसिक कदम उठाया. उन्होंने कोरोना काल में इस्तेमाल होने वाली पीपीई किट पहनी और सीधे मधुमक्खियों के बीच फंसे बुजुर्ग तक पहुंचे. पीपीई किट की मदद से वे मधुमक्खियों के हमले से खुद को बचाते हुए धूल सिंह तक पहुंच सके और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

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इस दौरान टीम ने सूझबूझ के साथ बिना समय गंवाए धूल सिंह को अस्पताल पहुंचाया. उन्हें तुरंत राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है.

फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन शरीर पर कई जगह मधुमक्खियों के डंक के निशान हैं. जिस पीपीई किट का इस्तेमाल कोरोना महामारी के दौरान होता था, वही इस आपात स्थिति में जीवन रक्षक साबित हुई.

स्थानीय लोगों ने भी 108 एंबुलेंस टीम के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना की है. अगर समय रहते टीम मौके पर नहीं पहुंचती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी. जानकारों का कहना है कि मधुमक्खियों के इतने बड़े झुंड के हमले से शरीर में जहर तेजी से फैल सकता है, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में तुरंत इलाज मिलना बेहद जरूरी होता है.

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