टीम इंडिया को चैम्पियन बनाने वाले कोच ने क्यों छोड़ा था पाकिस्तान का साथ? कर्स्टन ने खोल दी नकवी एंड कंपनी की पोल – Why coach Gary Kirsten leave Pakistan head coach slams pcb mohsin naqvi rule aksp


पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच गैरी कर्स्टन ने आखिरकार अपने अचानक इस्तीफे की असली वजह बता दी है. 2024 में टीम से जुड़ने के कुछ ही महीनों बाद गैरी कर्स्टन ने पाकिस्तानी टीम को अलविदा कह दिया था. तब गैरी कर्स्टन के अचानक इस्तीफे को लेकर कई तरह की बातें सामने आई थीं. अब आखिरकार उन्होंने इस पूरे मामले पर सफाई दे दी है.

बता दें कि गैरी कर्स्टन वही शख्स हैं जिनके बतौर हेड कोच रहते हुए टीम इंडिया ने साल 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था. हालांकि, वो पाकिस्तान के साथ वैसी सफलता नहीं दोहरा पाए. अब उन्होंने खुलासा किया है कि टीम के अंदर “बहुत ज्यादा दखलअंदाजी” उनके जल्दी जाने की सबसे बड़ी वजह थी.

“हर तरफ से दखल, काम करना मुश्किल”

एक इंटरव्यू में कर्स्टन ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में इतनी ज्यादा इंटरफेरेंस पहले कभी नहीं देखी. उनके मुताबिक, बाहर से लगातार दबाव और “शोर” के चलते खिलाड़ियों के साथ सही तरीके से काम करना मुश्किल हो गया था. उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन के बाद तुरंत सख्त फैसले लेने का माहौल था, जो टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा था. बता दें कि ये बात किसी से छिपी नहीं है कि पाकिस्तान की टीम में पॉलिटिक्स हावी है. और जब से मोहसिन  नकवी को पीसीबी की कमान मिली है वहां हालात और बदतर हो गए हैं. पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान केवल विवादों में रहा है.

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“कोच को ही बना देते हैं आसान निशाना”

कर्स्टन ने ये भी कहा कि जब टीम अच्छा नहीं करती, तो सबसे आसान निशाना कोच को बनाया जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर हर बार कोच पर ही पाबंदी लगानी है या उसे हटा देना है, तो फिर कोच रखने का मतलब ही क्या है. उनके मुताबिक, ये तरीका टीम के विकास के लिए उल्टा असर डालता है.

खिलाड़ियों के साथ काम करना पसंद आया

हालांकि, तमाम दिक्कतों के बावजूद कर्स्टन ने ये साफ किया कि उन्हें पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ काम करना अच्छा लगा. उन्होंने कहा कि क्रिकेट एक ऐसी भाषा है जिसे हर खिलाड़ी समझता है, भले ही बोलचाल की भाषा अलग हो. इस वजह से खिलाड़ियों के साथ उनका अनुभव काफी सकारात्मक रहा.

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