घर की महिलाओं या कन्याओं को लक्ष्मी स्वरूपा कहा जाता है. यानी देवी लक्ष्मी के समान गुणों वाली ऐसी स्त्री जो धन, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि करती है. इसलिए सनातन परंपरा में महिलाओं को बहुत सम्मानजनक दर्जा दिया गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में महिलाओं द्वारा जाने-अनजाने में हुई कुछ गलतियों के कारण अक्सर मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं और घर में वास नहीं करती हैं. आइए जानते हैं.
1. घर-परिवार की निजी बातों को हमेशा गोपनीय रखना चाहिए. उन्हें कभी किसी बाहरी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए. जो महिलाएं घर की गोपनीयता को भंग करती हैं, उनके परिवार में कभी खुशहाली नहीं रहती है.
2. ऐसी मान्यताए हैं कि सूर्यास्त के बाद घर में कभी झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. मान्यता है कि इस वक्त झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं. नतीजन व्यक्ति आर्थिक मोर्चे पर बड़े संकटों का सामना करना पड़ सकता है.
3. व्रत और त्योहार पर घर की सात्विकता और शुद्धता को बरकरार रखना चाहिए. इसे कभी खंडित नहीं करना चाहिए. मांस-मदिरा या तामसिक चीजों से परहेज करना चाहिए. और एक महिला को इन बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए. ये नियम कभी नहीं टूटने चाहिए.
4. घर-परिवार में सामान्यत: सास-बहू का झगड़ा देखा जाता है. कहते हैं कि जिस घर में बहू अपने सास-ससुर का सम्मान नहीं करती है, वहां मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है. ऐसे घर में हमेशा दुख-दरिद्रता पांव पसारे रहती है.
5. धन का उपयोग समझदारी और संतुलन के साथ करना चाहिए. पैसा कमाना जितना कठिन होता है, उसे सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है. इसलिए अनावश्यक खर्च से बचना और धन का सही तरीके से उपयोग करना बेहतर माना जाता है. जिन घरों में बेवजह धन खर्च किया जाता है, वहां भी देवी लक्ष्मी कभी वास नहीं करती हैं.
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