होर्मुज पर ट्रंप की बदलती रणनीति से उठे सवाल, क्या बिना एग्जिट प्लान के जंग में उतरा अमेरिका? – Donald trump hormuz strategy iran ultimatum us war plan criticism oil crisis global impact NTC agkp

ByCrank10

March 23, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


ईरान के साथ जंग शुरू हुई तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगा था कि जल्दी काम हो जाएगा. लेकिन हुआ उल्टा. होर्मुज की खाड़ी बंद है. दुनियाभर में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं. अमेरिका में भी पेट्रोल महंगा हो गया है. और अगले साल मिडटर्म चुनाव हैं, जिनमें महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा बन सकती है.

राष्ट्रपति ट्रंप को जल्दी कोई रास्ता चाहिए. और वो एक के बाद एक तरीके आजमा रहे हैं. लेकिन कोई काम नहीं आ रहा.

एक हफ्ते में ट्रंप ने क्या-क्या किया?

राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले दूसरे देशों से कहा कि मिलकर जंगी जहाज भेजो और होर्मुज खुलवाओ. सबने मना कर दिया. फिर कहा कि ठीक है, अमेरिका अकेले कर लेगा.

उसके बाद कहा कि अब दूसरे देशों को खुद संभालना होगा, हम निकलेंगे. कुछ घंटे बाद कहा कि होर्मुज “खुद ही खुल जाएगा.” शुक्रवार को ईरानी तेल पर से पाबंदी हटाई ताकि बाजार में तेल आए और दाम नीचे आएं. और अब शनिवार को सीधी धमकी दे दी.

ताजा धमकी क्या है?

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 51 शब्दों का एक पोस्ट लिखा, ज्यादातर कैपिटल लेटर्स में. मतलब साफ था, “48 घंटे में होर्मुज खोलो. नहीं तो ईरान के बिजलीघर तबाह कर देंगे – सबसे बड़े से शुरुआत होगी.” यानी अब निशाना सैन्य ठिकाने नहीं बल्कि वो बिजलीघर जिनसे ईरान के घर, अस्पताल और कारखाने चलते हैं.

यह भी पढ़ें: क्या NATO स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उतरने जा रहा है? चीफ ने ट्रंप पर बात करते हुए दिए अहम संकेत

यह धमकी इतनी खतरनाक क्यों है?

बिजलीघर पर हमला करना मतलब आम नागरिकों की जिंदगी पर हमला करना. अस्पताल बंद हो जाएंगे. पानी की सप्लाई रुक जाएगी. घरों में अंधेरा हो जाएगा.
टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी के कानून के प्रोफेसर और पूर्व सैन्य वकील जेफ्री कॉर्न ने कहा, “यह युद्ध अपराध होगा. ट्रंप की रणनीति ‘पहले गोली चलाओ, बाद में सोचो’ वाली लग रही है. उन्होंने हिंसा का तूफान उठाया. लेकिन उसे काबू करने का कोई इंतजाम नहीं था.”

अमेरिकी सीनेटर एड मार्की ने भी कहा, “यह युद्ध अपराध होगा.” और सीनेटर क्रिस मर्फी ने तो सीधे कह दिया, “ट्रंप ने जंग पर से काबू खो दिया है और अब घबरा रहे हैं.”

ट्रंप की टीम ने क्या कहा?

UN में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने सफाई दी, “ईरान की IRGC देश के ज्यादातर बुनियादी ढांचे को कंट्रोल करती है और उसे जंग के लिए इस्तेमाल कर रही है. इसलिए यह वैध निशाना है.” उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति मजाक नहीं कर रहे.”

इजरायल ने भी रोका

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के सबसे करीबी दोस्त इजरायल के राजदूत ने भी इस धमकी पर ब्रेक लगाने की कोशिश की. उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि ईरान पूरी तरह तबाह हो. जो लोग इस सरकार के बाद सत्ता में आएंगे. उन्हें देश दोबारा बनाने के लिए कुछ तो चाहिए होगा.”

ईरान ने क्या कहा?

ईरान ने पलटवार किया, “अगर बिजलीघरों पर हमला हुआ तो होर्मुज पूरी तरह बंद कर देंगे और अमेरिकी-इजरायली बुनियादी ढांचे पर हमला करेंगे.” यानी धमकी से उल्टा हो सकता है होर्मुज और ज्यादा बंद हो जाए.

यह भी पढ़ें: ईरानी मिसाइलों पर स्पेन PM की तस्वीर… ट्रंप को चिढ़ा रहा तेहरान? जानें मामला

NATO ने क्या कहा?

NATO प्रमुख मार्क रुटे ने माहौल शांत करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि 20 से ज्यादा देश होर्मुज खुलवाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.

असली बात क्या है?

एक सीनेटर ने बहुत सही कहा, “जब आपने खुद यह घटना शुरू की हो तो आप अचानक हाथ नहीं खींच सकते और उम्मीद नहीं कर सकते कि दूसरे लोग इसे संभाल लेंगे.” ट्रंप ने जंग शुरू की लेकिन यह सोचे बिना कि इसका अंत कैसे होगा. अब वो हर हफ्ते नई रणनीति आजमा रहे हैं. कभी कूटनीति, कभी पाबंदी हटाना, कभी धमकी. और हर बार लगता है कि कोई ठोस योजना नहीं है.

इनपुट: पीटीआई/ एपी

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *