‘हाथ मरोड़ा, पैसे मांगे’, मजदूर का दरोगा पर गंभीर आरोप, एक पेड़ बना विवाद की जड़ – Baghpat Worker serious allegations sub inspector Twisted my arm demanded money lclnt


उत्तर प्रदेश के बागपत में इन दिनों एक पेड़ की कटाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मामला सिर्फ एक पेड़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह वन विभाग की कार्रवाई और उसके तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. आरोप लगाने वाले मजदूर आश मोहम्मद का कहना है कि एक सरकारी पेड़ की कटाई के मामले में वन विभाग ने उसके और 7 से 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया. लेकिन आरोप है कि बाद में कुछ सफेदपोशों के दबाव में आकर विभाग ने बाकी लोगों को छोड़ दिया, जबकि उसे निशाना बनाया गया.

50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप
मजदूर का दावा है कि उसे वन विभाग के दफ्तर बुलाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया. उसने आरोप लगाया कि वन विभाग के दरोगा ने न सिर्फ उसे टॉर्चर किया बल्कि उसका हाथ तक मरोड़ दिया गया. इतना ही नहीं, उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया गया है.

भारतीय किसान यूनियन ने क्या कहा?
वहीं इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब भाकियू (भारतीय किसान यूनियन) के नेता मजदूर के समर्थन में उतर आए. भाकियू कार्यकर्ताओं ने वन विभाग के दफ्तर पर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. धरने के दौरान हालात ऐसे बन गए कि वन विभाग के DFO राजेश कुमार को भी मौके पर बुलाकर प्रदर्शनकारियों के बीच बैठना पड़ा. भाकियू नेताओं ने खुलकर आरोप लगाया कि विभाग गरीब मजदूरों का शोषण कर रहा है और दबाव बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश की जा रही है.

वहीं जब इस पूरे मामले पर DFO राजेश कुमार से सवाल किया गया, तो उन्होंने दरोगा पर लगे रिश्वत के आरोपों को खारिज कर दिया. उनका कहना है कि अभी तक जांच में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि आश मोहम्मद के खिलाफ पेड़ काटने के मामले में विधिक कार्रवाई की गई है.

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