सोमवार को भारतीय शेयर बाजार निवेशकों के लिए काफी दर्द भरा रहा. निफ्टी 600 अंक टूटकर 22,500 के ऊपर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्‍स 1800 अंक से ज्‍यादा गिरकर 73000 के करीब पहुंच गया था. हालांकि, ट्रंप के एक ऐलान के बाद शेयर बाजार ने पलटी मारी और मंगलवार को शानदार तेजी देखी गई.

दोपहर 1:29 बजे, सेंसेक्स 1,655.97 अंक या 2.28 प्रतिशत बढ़कर 74,352.36 पर था और निफ्टी 510.35 अंक या 2.27 प्रतिशत बढ़कर 23,023 पर था. करीब 2932 शेयरों में तेजी रही, 945 शेयरों में गिरावट आई, और 131 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

वहीं मार्केट बंद होने पर सेंसेक्‍स 1372 अंक या 1.89 फीसदी चढ़कर 74,068 और निफ्टी 1.98% या 445 अंक चढ़कर 22,957 पर आ गया. इस तेजी के कारण आज निवेशकों की करीब 8 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई है. बीएसई के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 27 शेयरों में शानदार तेजी रही, सिर्फ 3 शेयर गिरावट पर बंद हुए. सबसे ज्‍यादा तेजी एटर्नल, एलएंडटी और इंडिगो के शेयरों में रही.

ग्रीन जोन में सभी सेक्‍टर

शेयर बाजार में आज सभी सेक्‍टर ग्रीन में बंद हुए. ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और मीडिया सेक्‍टर में 3 फीसदी की तेजी रही. आईटी, मेटल और प्राइवेट सेक्‍टर्स ने भी अच्‍छी उछाल दिखाई. हेल्‍थकेयर और फार्मा सेक्‍टर में उम्‍मीद के मुताबिक तेजी नहीं रही.

इन 4 कारणों से लौटी हर‍ियाली

  1. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने ईरान पर पांच दिनों के लिए कोई हमला नहीं करने का ऐलान किया है. वहीं एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन ईरान ने इसे स्‍पष्‍ट नहीं क‍िया है. ऐसे में ग्‍लोबल स्‍तर पर शेयर बाजारों में तेजी आई है.
  2. ईरान पर हमला थमने के बाद घरेलू बाजारों ने एशियाई बाजारों में आई तेजी को फॉलो किया है, जिससे ऊर्जा संकट के और गहराने की आशंकाएं कम हुई हैं. वहीं मंगलवार को शेयर बाजार में जबरदस्‍त खरीदारी हुई है.
  3. एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इस तेजी में शामिल रहे. अमेरिकी बाजार सोमवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए. वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स ने भी अपने नुकसान को कम करते हुए स्थिर कारोबार किया, जो एक मजबूत शुरुआत का संकेत है.
  4. ब्रेंट क्रूड 4.16 प्रतिशत बढ़कर 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पहले देखे गए 110 अमेरिकी डॉलर के स्तर से कम था. कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट के कारण शेयर बाजार में तेजी आई है.

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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