वेस्‍ट एशिया में जंग के बीच सरकार की ओर से बड़ी जानकारी सामने आई है. होर्मुज के रास्‍ते तेल-गैस की सप्‍लाई पर अपडेट देते हुए शिपिंग, वाटरवेज और पोर्ट्स मिनिस्‍ट्री के स्‍पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्‍हा ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के वेस्‍ट साइड में 20 भारतीय जहाज हैं, जो इस चोकपॉइंट को पार करने के लिए तैयार है.

राजेश के. सिन्हा  ने कहा कि जहाजों के आने की अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है. इसके साथ ही 5 एलपीजी टैंकरों में माल भरा जा चुका है और एक और टैंकर में 3-4 दिनों में माल भर दिया जाएगा, जिसका मतलब है कि कुछ ही दिनों में भारत में एलपीजी और तेल की बड़ी खेप आने वाली है.

उन्‍होंने अफवाहों पर ब्रेक लगाते हुए यह भी कहा कि भारत, स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए कोई एक्‍स्‍ट्रा चार्ज नहीं दे रहा है. इस संबंध में किए गए दावे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं. इसके अलावा, उन्‍होंने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है. हमारे पास 1 लाख पेट्रोल पंप हैं और एक या 2 को छोड़कर बाकी सभी पेट्रोल पंप पर्याप्‍त सप्‍लाई के साथ की काम कर रहे हैं.

तेल और गैस के पर्याप्‍त स्टॉक
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoP&NG) में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि अभी एलपीजी के पर्याप्‍त स्‍टॉक और सप्‍लाई मौजूद हैं. रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है. सभी रिफाइनरियों में घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया गया है. उन्‍होंने लोगों से कहा कि किसी भी अफवाहों पर ध्‍यान मत दें, तेल और गैस के पर्याप्‍त स्‍टॉक मौजूद हैं.

एनर्जी सिक्‍योरिटी पर क्‍या कहा?
एनर्जी सिक्‍योरिटी पर अधिकारी ने कहा कि सभी रिफाइनरियां कच्चे तेल की पर्याप्त सप्लाई के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. अफवाहें फैलाने के कुछ मामले मंत्रालय की जानकारी में आए हैं. पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) के मामले भी देखे गए हैं. ऐसे में उन्‍होंने घबराहट में खरीदारी नहीं करने की सलाह दी. उन्‍होंने आगे जानकारी दी कि कल 110 स्थानों पर 7.5 लाख घरेलू और कमर्शियल PNG कनेक्शन बांटे गए हैं.

भारत ने किया रणनीतिक बदलाव
गौरतलब है कि स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने से खाड़ी देशों से तेल-गैस की सप्‍लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है, जिसका बड़ा असर भारत पर भी पड़ा है, क्‍योंकि भारत इन जगहों से सबसे ज्‍यादा तेल-गैस का आयात करता रहा है. हालांकि अब भारत ने अपने तेल-गैस आयात की रणनीति में बदलाव किया है और अब 40 से ज्‍यादा देशों से एनर्जी का आयात कर रहा है.

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