किसान परिवार की बेटी प्रियांशी सुंडा ने राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा में टॉप कर प्रदेश का नाम रोशन किया है. उन्होंने 600 में से 599 अंक (99.83%) हासिल किए. उनके सिर्फ अंग्रेजी विषय में 1 अंक कम आया है, जबकि बाकी सभी विषयों में उन्होंने पूरे अंक हासिल किया है. प्रियांशी सीकर जिले के लोसल स्थित शेखावाटी स्कूल की छात्रा हैं. उनके पिता सीताराम सुंडा किसान हैं और मां सुनीता देवी गृहिणी हैं. साधारण परिवार से आने वाली प्रियांशी की इस सफलता से पूरे जिले में खुशी का माहौल है.

प्रियांशी ने बताया कि उनकी सफलता का राज नियमित पढ़ाई, टाइम मैनेजमेंट और कॉन्सेप्ट को अच्छे से समझना है. उन्होंने कहा कि वे मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल करती थीं, लेकिन परीक्षा से पहले इन्हें कम कर दिया और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान दिया. उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा से पहले किया गया रिवीजन उनके लिए सबसे ज्यादा मददगार रहा.

माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय

प्रियांशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, स्कूल के डायरेक्टर बीएल रणवां और सभी शिक्षकों को दिया. स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के ओवरऑल विकास और खेलों पर भी ध्यान दिया जाता है.

कैसा रहा जिला का प्रदर्शन

अगर जिले के रिजल्ट की बात करें, तो सीकर 97.43% परिणाम के साथ प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा. इस बार झुंझुनूं जिला 97.77% के साथ पहले और डीडवाना-कुचामन 97.59% के साथ दूसरे स्थान पर रहा. इस बार राजस्थान बोर्ड ने पहली बार 12वीं से पहले 10वीं का रिजल्ट जारी किया है और मार्च महीने में परिणाम घोषित किया. ऐसा इसलिए क्योंकि अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत की तैयारी की जा रही है. कुल मिलाकर, इस बार भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की. प्रियांशी की यह सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है कि मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

अंग्रेजी को छोड़कर सभी विषय में मिले फुल मार्क्स

बता दें कि प्रियांशी को 600 मे से 599 अंक मिले हैं. प्रियांशी ने बताया कि उन्हें परीक्षा से पहले रिवीजन से मदद मिली जिसके बल पर उन्होंने 99.83 प्रतिशत अंक हासिल किए. उन्हें अंग्रेजी को छोड़कर सभी विषयों में शत-प्रतिशत अंक मिले हैं.

डॉयरेक्टर ने दिया बयान

बीएल रणवां ने कहा कि हमारे स्कूल में बच्चों के ओवरऑल डवलपमेंट पर ध्यान दिया जाता है. पढ़ाई के साथ ही खेलों पर भी फोकस रहता है. किसान परिवार की बेटी प्रियांशी सुंडा को प्रदेश की शान बन गईं. उन्होंने राजस्थान बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में राजस्थान टॉप किया. उनके नंबर देखकर ज्यादातर लोग चौंक जाएंगे, क्योंकि उन्होंने 600 में से 599 अंक हासिल किए.

पहली बार 12वीं से पहले आया 10वीं का परिणाम

बोर्ड ने पहली बार 12वीं से पहले 10वीं का रिजल्ट जारी किया है. बोर्ड इतिहास में ये पहला मौका है, जब मार्च में रिजल्ट आया है. इस बार एक अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की तैयारी है. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का 10वीं के साथ 5वीं और 8वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम मंगलवार को एक साथ जारी हुआ. वहीं, 8वीं बोर्ड में 98.25 फीसदी के साथ लगातार तीसरे साल अव्वल रहकर जिले ने अपनी शहंशाही कायम की. 5वीं के परिणाम में भी पिछले साल की तरह चौथे स्थान पर रहकर जिला टॉप-5 में जगह बनाए रहा. कुल छात्रों में 66.51 प्रतिशत छात्रों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की, जबकि छात्राओं में यह आंकड़ा 74.26 प्रतिशत रहा.

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