यूपी के बस्ती में रसोई गैस न मिल पाने और मूल्य वृद्धि को लेकर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा. कलेक्ट्रेट जाने वाली सड़कों पर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान महिलाएं हाथों में बेलन और खाली सिलेंडर लेकर डीएम ऑफिस पहुंच गईं. सैकड़ों की संख्या में महिलाओं को देख पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया.

पुलिस और महिलाओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही. महिलाएं किसी भी हालत में जिलाधिकारी (DM) से मिलकर अपनी समस्या बताना चाहती थीं. वहीं, सरिता और मीरा देवी जैसी अन्य महिलाओं ने भी अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि गैस न मिलने के कारण घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है.

वहीं, प्रशासन की ओर से महिलाओं को आश्वासन दिया गया कि गैस की कमी को जल्द ही दूर किया जाएगा और वितरण व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा. आश्वासन मिलने के बाद महिलाएं शांत हुईं और अपने घरों को लौट गईं.

बस्ती में गैस की कमी को लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन

बुधवार को कलेक्ट्रेट की सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सैकड़ों की संख्या में महिलाएं खाली गैस सिलेंडर और बेलन लेकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने निकल पड़ीं. महिलाओं का आरोप है कि गैस वितरण केंद्रों पर जमकर धांधली और कालाबाजारी हो रही है, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया है.

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बस्ती में गैस की कमी को लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन

प्रदर्शनकारी महिला चांदनी चौधरी ने कहा कि पिछले कई दिनों से जिले के अलग-अलग इलाकों में गैस सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही है. स्थानीय गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों पर लोगों के साथ पक्षपात किया जा रहा है. रसूखदारों को घर बैठे सिलेंडर मिल रहे हैं, जबकि आम जनता घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर है.

बस्ती में गैस की कमी को लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन

अलग-अलग इलाकों में गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा है. प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि स्थानीय गैस वितरण केंद्रों पर ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ वाला हाल है. घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को लौटा दिया जाता है, जबकि रसूखदारों और ऊंची पहुंच वालों को पिछले दरवाजे से सिलेंडर मुहैया कराए जा रहे हैं. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि गैस न मिलने के कारण घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है.

बस्ती में गैस की कमी को लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन

बच्चों को बिना खाना खिलाए स्कूल भेजना पड़ रहा है. घर के बुजुर्ग भूखे रहने को मजबूर हैं. चांदनी चौधरी ने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि महिलाएं धुएं में खाना बनाने को मजबूर हो रही हैं, क्योंकि उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा. महिलाओं ने जिलाधिकारी को संबोधित एक मांगपत्र प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा, जिसमें गैस सिलेंडर की समस्या को जल्द से जल्द दूर करने की बात कही गई.

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(रिपोर्ट: संतोष कुमार सिंह)



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