West Bengal Chunav 2026: बंगाल SIR के बाद डिलिट हुए 13 लाख और नाम, अब तक कुल 76 लाख वोटर्स के नाम कटे, EC ने दिया नया आंकड़ा – west bengal voter list deletion ec sir exercise 76 lakh names removed electoral rolls update NTC agkp

ByCrank10

March 26, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


West Bengal Vidhan Sabha Chunav 2026: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट को लेकर एक बड़ी खबर आई है. चुनाव आयोग के एक बड़े अधिकारी ने कोलकाता में बताया कि अब तक कुल 76 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं.

यह आंकड़ा दो हिस्सों के ज़रिए समझ सकते हैं. पहले SIR यानी मतदाता सूची जांच के दौरान 58 लाख नाम हटाए गए. इससे राज्य के कुल वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गए.

अब जो नाम “अंडर एडजुडिकेशन” यानी न्यायिक जांच में थे. उनमें से 32 लाख मामले निपटाए गए हैं. इनमें से 40 फीसदी यानी करीब 13 लाख नाम और हटाए जा रहे हैं. दोनों मिलाकर कुल 76 लाख के करीब नाम लिस्ट से बाहर हो चुके हैं.

अभी कितना काम बाकी है?

अभी भी 28 लाख मामले बाकी हैं. राज्य में 705 न्यायिक अधिकारी इन मामलों को निपटाने में लगे हैं. चुनाव आयोग ने सोमवार को पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की. जिसमें 10 लाख नाम अपलोड किए गए. लेकिन आयोग ने यह नहीं बताया कि इनमें से कितने हटाए गए जिस पर कई लोगों ने नाराजगी जताई. अगली लिस्ट हर शुक्रवार को जारी होगी. यानी अगली लिस्ट एक दिन बाद आएगी.

तकनीकी अड़चन भी आई

29 लाख मामले हटाए गए थे लेकिन उनमें से सिर्फ एक तिहाई ही पहली लिस्ट में आ सके. वजह न्यायिक अधिकारियों की ई-साइन यानी डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी. बाकी नाम धीरे-धीरे जारी किए जाएंगे.

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हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील की है कि उन्हें हर रोज सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने की इजाजत दी जाए. लेकिन कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 27 मार्च के बाद होगी.

असली सवाल

76 लाख नाम हटाना यह बहुत बड़ा आंकड़ा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही इसे लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमलावर हैं. विपक्ष का आरोप है कि यह एक खास समुदाय के वोट काटने की कोशिश है. चुनाव आयोग का कहना है कि मृत, पलायन किए, डुप्लीकेट और न मिलने वाले लोगों के नाम हटाए गए हैं.

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