पश्चिम बंगाल के चुनावी दंगल में अब महंगाई सबसे बड़ा हथियार बन गई है. पुरबा बर्धमान की रैली में मुख्यमंत्री और भवानीपुर से टीएमसी उम्मीदवार ने रसोई गैस (LPG) की बढ़ती कीमतों और किल्लत को लेकर सीधे केंद्र सरकार पर निशाना साधा. महिलाओं का दर्द समझते हुए उन्होंने तीखा सवाल पूछा कि क्या अब हमें फिर से पुराने जमाने में लौटना पड़ेगा?

रैली में जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने पुरानी यादें ताजा कीं और पूछा कि क्या आपको याद है मोदी सरकार के आने से पहले सिलेंडर की कीमत क्या थी? तब रसोई गैस सिर्फ 400 रुपये में मिल जाती थी, लेकिन आज यही आंकड़ा 1100 के पार पहुंच चुका है. बिना किसी शोर-शराबे के चुपचाप 700 रुपये बढ़ा दिए गए और सारा बोझ आम जनता की जेब पर डाल दिया गया. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, उन्होंने तंज कसते हुए कहा,  ‘हालात ऐसे हो चले हैं कि शायद हमें फिर से बैलगाड़ी की सवारी करनी पड़े, क्योंकि अब तो ये भी भरोसा नहीं कि दो दिन बाद गैस मिलेगी भी या नहीं.’

इस दौरान, सिलेंडर की किल्लत और 25-25 दिन के लंबे इंतजार पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी मां या बहन को गैस के लिए करीब एक महीने तक हाथ पर हाथ धरे बैठना पड़ेगा, तो घर का चूल्हा कैसे जलेगा? क्या तब तक बच्चे भूखे रहेंगे? उनका यह बयान अब बंगाल के चुनावी अखाड़े में एक बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है.

बतादें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है. यही शुभेंदु 2021 में नंदीग्राम से ममता को हरा चुके हैं. अब सवाल यह है कि क्या वे भवानीपुर में भी वही कमाल कर पाएंगे जैसा कि उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में किया था?

2021 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर में TMC की जीत का अंतर 28,000 वोट था. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में यह घटकर सिर्फ 8,297 वोट रह गया. इतना ही नहीं, 2024 में BJP ने भवानीपुर के 269 में से 149 बूथों पर बढ़त बनाई.

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