यूपी समाचार: गोरखपुर में पेट्रोल और डीजल के लिए हालात उस वक्त बेकाबू हो गए, जब एक पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाने के लिए लगी लाइन में कुछ लोगों के बीच मारपीट होने लगी. यहां लोगों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
यह मामला शहर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर कॉलोनी के एक पेट्रोल पंप का है. घटना बीती रात करीब 10 बजे की है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे पेट्रोल भरवाने के लिए लाइन में लगे लोग अचानक आपस में भिड़ जाते हैं. पहले कहासुनी होती है और फिर देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच जाता है.
यहां देखें Video…
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर पहले कतार लगी हुई थी. इसी दौरान कुछ लोगों के बीच लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया. कुछ ही मिनटों में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लोग एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगे. मौके पर मौजूद अन्य लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि कुछ ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की.
घटना के बाद देर रात तक दोनों पक्षों के लोगों की भीड़ पेट्रोल पंप के आसपास जुटी रही. इतने विवाद के बावजूद मौके पर सुरक्षा के इंतजाम नजर नहीं आए.
दरअसल, इन दिनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं. गोरखपुर में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. लोग जरूरत से ज्यादा फ्यूल भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे अचानक भीड़ बढ़ गई है.
पेट्रोल पंपों पर उमड़ रही इस भीड़ को संभालना चुनौती बनता जा रहा है. कई जगहों पर कतारें लग रही हैं, जिससे लोगों में बेचैनी और जल्दबाजी बढ़ रही है.
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हालांकि, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने पेट्रोल और डीजल की कमी की बात को सिरे से खारिज किया है. अधिकारियों का कहना है कि जनपद में फ्यूल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी किसी तरह की कटौती नहीं की गई है. उन्होंने साफ किया कि अफवाहों के चलते लोग अनावश्यक रूप से ज्यादा मात्रा में पेट्रोल-डीजल लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे दबाव बन रहा है.
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अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक में आकर फ्यूल स्टॉक न करें और सिर्फ अपनी जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल-डीजल लें. उनका कहना है कि हर पेट्रोल पंप पर नियमित रूप से सप्लाई पहुंच रही है और जहां भी फ्यूल खत्म होने की स्थिति बनती है, वहां तुरंत रिफिल की व्यवस्था की जाती है.
इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंपों की स्टोरेज क्षमता आमतौर पर 2 से 3 दिनों की होती है और उसी हिसाब से सप्लाई चक्र चलता है. ऐसे में अचानक ज्यादा खपत होने से अस्थायी दबाव जरूर बन सकता है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है. फिलहाल, एक पेट्रोल पंप पर मारपीट की घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जरूरत है कि लोग संयम बरतें और अफवाहों से दूर रहकर हालात को सामान्य बनाए रखने में सहयोग करें.
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