आंखो-देखी: सोनभद्र में जमीन, शादी और धर्मांतरण से बदलती डेमोग्राफी की कहानी – sonbhadra land conversion marriage allegations dudhi tehsil tribal women investigation up administration NTC agkp

ByCrank10

March 27, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा से लगे इलाकों में मुस्लिम पुरुषों द्वारा कथित तौर पर कई सौ बीघा जमीन के लिए दुधी तहसील में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी करने और उनका धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे हैं. इसके बाद उन्हीं महिलाओं के नाम पर जमीन खरीदकर अपने लोगों को बसाने की बात सामने आई है.

एक पत्रकार के तौर पर मैं हमेशा अच्छी खबर की तलाश में रहता हूं. पिछले हफ्ते लखनऊ में कुछ सूत्रों और समाजसेवियों से बातचीत के दौरान मुझे एक कथित धर्मांतरण रैकेट की जानकारी मिली. आदिवासी और मुस्लिम आबादी के बीच डेमोग्राफिक बदलाव की बात सामने आई, जिसने मुझे इस इलाके की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रेरित किया.

अपने 10 साल के रिपोर्टिंग करियर में मैंने कई जगहों पर धर्मांतरण से जुड़े मामले कवर किए हैं. इसके बावजूद इस कहानी ने मुझे सोचने पर मजबूर किया. इसलिए मैंने सोनभद्र जिले में जाकर वास्तविकता का जायजा लेने का फैसला किया.

मंगलवार सुबह चार बजे लखनऊ से निकलकर करीब 12 बजे दुधी तहसील पहुंचा. यह इलाका पहाड़ों, जंगलों और खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है. मुख्यालय से करीब एक घंटे का सफर तय करके हम बघाडू गांव पहुंचे. रास्ते में ऊंची-नीची पहाड़ियां और संकरे रास्ते नजर आए.

गांव के बाहर एक चाय की दुकान पर रुके, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति कन्हैयालाल मिले. उनसे बातचीत में उन्होंने दबे शब्दों में कहा कि अब यहां बहुत कुछ बदल गया है और कई बाहरी लोग आकर बस गए हैं.

इसके बाद हम शिकायतकर्ता लोकनाथ के घर पहुंचे. उन्होंने बताया कि इलाके में जमीनों के स्वामित्व में बदलाव आया है और इसको लेकर उन्होंने प्रशासन से शिकायत भी की है.

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पास ही रहने वाली रेनू कुमारी ने भी अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि उनके परिवार पर दबाव बनाने और धमकी देने की घटनाएं हुई हैं. रेनू के अनुसार, उन्होंने इस मामले में पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद कुछ कार्रवाई भी हुई. हालांकि, उन्होंने सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई.

गांव में आगे बढ़ने पर मंगल सिंह नाम के एक व्यक्ति मिले, जिन्होंने जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया और प्रशासन से मदद की बात कही.

इस दौरान मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कुछ जमीनों को कब्जे से मुक्त कराया गया है और मामले की जांच जारी है. उनके अनुसार, लगभग 15 बीघा जमीन वापस कराई गई है, जो सरकारी या विवादित थी.

स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में जमीन खरीद-फरोख्त और विवाह के जरिए स्वामित्व में बदलाव हुआ है. प्रशासन ने ऐसे मामलों की जांच शुरू की है, खासकर फंडिंग और दस्तावेजों की वैधता को लेकर.

जिलाधिकारी बीएन सिंह से बातचीत में उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां कार्रवाई की जाएगी.

पड़ताल के बाद जब हम सोनभद्र से लौट रहे थे, तो यह साफ था कि यह मामला सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई पहलू हैं, जिनकी जांच अभी जारी है.

फिलहाल प्रशासन कार्रवाई कर रहा है, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि ऐसे मामलों की जड़ तक पहुंचकर समाधान कैसे निकाला जाएगा.

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