होर्मुज के दरवाजे पर अटके 5 भारतीय जहाज, ईरान जंग के साए में टिकी है नजर – Iran War Strait Of Hormuz Indian Oil LPG Tanker Ship Tracker Online mnrd


अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट एक अहम फोकस पॉइंट बनकर उभरा है. जंग की शुरुआत से ही ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को “दुश्मनों” के लिए बंद कर रखा है. इसके चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने लगा है, खासकर उन देशों पर जो तेल और गैस के आयात के लिए इस रास्ते पर निर्भर हैं. भारत भी उन्हीं देशों में शामिल है, और यही वजह है कि उसके कई तेल और गैस टैंकर इस समय स्ट्रेट के आसपास फंसे हुए हैं.

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अचानक हमला किया था, जिसमें ईरानी लीडरशिप को बड़ा नुकसान हुआ. इसके जवाब में ईरान की नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण कड़ा कर दिया. हालांकि, ईरान का कहना है कि यह रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है. उसने साफ किया है कि यह केवल “दुश्मन देशों” के लिए प्रतिबंधित है, जबकि मित्र देशों के जहाज अनुमति लेकर यहां से गुजर सकते हैं.

यह भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान की मिसाइलों की जंग अब थाली तक पहुंची… होर्मुज बंद होने से कैसे बढ़ रहा खाने का संकट?

वेसल ट्रैकिंग वेबसाइट मरीनट्रैफिक के मुताबिक, भारत के करीब छह टैंकर इस समय यूनाइटेड अरब अमीरात के पास अरब सागर में फंसे हुए हैं. इनमें कच्चा तेल, एलपीजी और केमिकल की खेप शामिल है. जंग के चलते ये जहाज कई दिनों से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.

कौन-कौन से भारतीय टैंकर अरब सागर में फंसे हैं?

इन टैंकरों में देश विभोर, देश सुरक्षा, ग्रीन सानवी, जग विक्रम, लाइंग ट्रेडर और ग्रीन आशा शामिल हैं. इनमें दो क्रूड ऑयल टैंकर, तीन एलपीजी टैंकर और एक ऑयल-केमिकल टैंकर है.

तेल-गैस टैंकर के रूट्स

अगर इनके रूट और स्थिति की बात करें तो ‘ग्रीन आशा’ यूएई के फातेह ऑयल फील्ड से एलपीजी लेकर 24 मार्च को रवाना हुआ था, लेकिन फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट से दूरी बनाए हुए है. ‘ग्रीन सानवी’ 2 मार्च को रुवैस से निकला था और 12 मार्च से अरब सागर में फंसा हुआ है.

यह भी पढ़ें: UN में ईरान का ‘लेटर बम’, इजरायल पर अराघची और गालिबाफ की हत्या की साजिश का आरोप

‘देश सुरक्षा’ 14 मार्च को कुवैत के मीना अल अहमदी से चला था और 16 मार्च से यूएई के मीना सकर पोर्ट के पास रुका हुआ है. वहीं ‘देश विभोर’ 5 मार्च को उसी पोर्ट से रवाना हुआ और 9 मार्च से आगे नहीं बढ़ पाया है.

‘लाइंग ट्रेडर’ सऊदी अरब के अल-फुजैल से 7 मार्च को कच्चा तेल और केमिकल लेकर भारत के कांडला पोर्ट के लिए निकला था, लेकिन उसकी यात्रा भी प्रभावित हुई है. दूसरी ओर, ‘जग विक्रम’ एक एलपीजी टैंकर है, जो फिलहाल यूएई के मीना सकर पोर्ट की ओर जा रहा है और अभी भारत के लिए रवाना नहीं हुआ है.

मसलन, होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है. अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर तेल-गैस के स्टॉक और कीमतों दोनों पर पड़ सकता है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *