होर्मुज अब खुल गया है? ट्रंप के दावे पर ईरान बोला- अमेरिका और उसके दोस्तों के लिए… – trump iran talks hormuz strait oil tanker controversy ntc dhrj


अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब एक ऐसे मोड़ पर आ गई है जहां हर घंटे दावे और धमकियां बदल रही हैं. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को यह भरोसा दिला रहे हैं कि ईरान के साथ उनकी बातचीत सही दिशा में जा रही है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खुल गया है. वहीं दूसरी तरफ, ईरान की ताकतवर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना ने ट्रंप के इन दावों की धज्जियां उड़ाते हुए साफ कह दिया है कि रास्ता अभी भी बंद है और किसी भी हरकत का कड़ा जवाब दिया जाएगा.

दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत ट्रंप के उन दावे से हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान ने नेकदिली दिखाते हुए अमेरिका के 10 तेल टैंकरों को रास्ता दे दिया है. गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप काफी गदगद नजर आए. उन्होंने बड़े उत्साह के साथ बताया कि पहले ईरान सिर्फ 8 जहाजों को छोड़ने पर राजी था, लेकिन बाद में उसने खुद आगे बढ़कर 10 टैंकर छोड़ दिए. ट्रंप इसे अपनी एक बड़ी कूटनीतिक जीत मान रहे हैं. उनके बयानों से साफ संकेत मिल रहा है कि ईरान अब दबाव में है और बातचीत पर झुकने को मजबूर है. उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि ईरान की गुजारिश के बाद ही उन्होंने उनके ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने का अपना प्लान फिलहाल 10 दिनों के लिए टाल दिया है.

ईरान की दो-टूक जवाब

लेकिन ट्रंप का यह उत्साह ज्यादा देर नहीं टिका. ईरान की IRGC ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और उसके दोस्तों का समर्थन करने वाले किसी भी देश का जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर पाएगा. ईरान का कहना है कि चाहे जहाज कहीं भी जा रहा हो या कोई भी रास्ता अपनाए, अगर वह अमेरिका के करीबियों का है, तो उस पर पाबंदी रहेगी. यह बयान ट्रंप के उन दावों पर सीधी चोट है, जिनमें उन्होंने कहा था कि बातचीत बहुत अच्छी चल रही है.

ईरान का यह कड़ा रुख दिखाता है कि वह ट्रंप के प्रेशर गेम में आने को तैयार नहीं है. ट्रंप भले ही कह रहे हों कि ईरान अब गंभीर है और पाकिस्तान के झंडे वाले जहाजों के जरिए सहयोग कर रहा है, लेकिन हकीकत में समंदर के उस रास्ते पर बारूद की गंध अभी भी बरकरार है. ट्रंप ने कार्रवाई 6 अप्रैल तक टालने की बात तो कही है, पर ईरान की धमकी ने साफ कर दिया है कि वह अपनी शर्तों पर ही पीछे हटेगा. अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह सिर्फ कागजी बातचीत है या वाकई पर्दे के पीछे कोई बड़ी डील हो रही है.

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