कर्नाटक विधानसभा के जिन विधायकों ने आईपीएल टिकट खरीदने के लिए कतार में लगने से इनकार कर दिया था, उन्हें आखिरकार मुफ्त में टिकट मिलेंगे. सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) पर अपमान का आरोप लगाने वाले और अपने “वीआईपी” दर्जे का हवाला देते हुए टिकट की मांग करने वाले विधायकों को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक अलग स्टैंड भी मिलेगा.

इस स्टेडियम में शनिवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच आईपीएल का उद्घाटन मैच खेला जाएगा. इसके बाद, विधायकों को स्टेडियम में होने वाले आगामी सभी मैचों के लिए तीन-तीन टिकट भी मिलेंगे.

केएससीए अध्यक्ष और भारत के दिग्गज पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात की और उन्हें कल के मैच के लिए आधिकारिक निमंत्रण दिया. जानकारी के मुताबिक, विधायक भड़क उठे और केएससीए पर “अपमान” का आरोप लगाया. अब ऐसा लग रहा है कि राज्य सरकार ने दबाव बनाकर टिकट हासिल किए हैं.

इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि समय की कमी को देखते हुए उन्होंने केएससीए से विधायकों को दो-दो टिकट देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, “स्पीकर ने चार टिकटों की मांग की थी, लेकिन वे टिकट पहले ही बिक चुके हैं. अब ज्यादा समय नहीं बचा है और सदस्य भी अधिक हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि पहले विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को एक-एक टिकट मिलता था. “मैंने अब दो टिकटों का अनुरोध किया है ताकि वे अपने परिवार के सदस्यों को साथ ले जा सकें.”

सूत्रों के अनुसार, राज्य के मुख्य सचिव ने सरकार की ओर से केएससीए के साथ बातचीत की.

तेजस्वी सूर्या ने की आलोचना

इस पूरे विवाद पर बीजेपी के तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वेंकटेश प्रसाद, जिन्होंने देश का नाम रोशन किया, आज एक मुख्यमंत्री के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं.

उन्होंने लिखा, “क्यों? न किसी गलती के लिए, न किसी कर्तव्य में विफलता के लिए. सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने अपना काम किया. क्योंकि उन्होंने यह अंदाजा नहीं लगाया कि नेताओं के नाजुक अहंकार को ठेस लग सकती है. क्योंकि उन्होंने उस कल्चर के आगे झुकने से इनकार किया, जहां मुफ्त टिकट, खास सुविधाएं और बिना सवाल किए विशेषाधिकार की उम्मीद की जाती है. यही सबसे बड़ी त्रासदी है”

सूर्या ने आगे लिखा, “एक ऐसा राजनीतिक वर्ग, जो सत्ता को जिम्मेदारी नहीं बल्कि विशेषाधिकार समझता है, उसे जाना चाहिए. एक ऐसी व्यवस्था, जहां एक्सीलेंस झुकती है और अहंकार राज करता है, उसे खत्म होना चाहिए. अगर यह हमें परेशान नहीं करता, तो कुछ भी नहीं करेगा. भारत इससे बेहतर का हकदार है. मैं वेंकटेश प्रसाद के साथ खड़ा हूं और मुझे पता है कि लाखों लोग भी उनके साथ खड़े होंगे.”

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