‘होर्मुज से चार टैंकर आए हैं’, भारत ने बताया ईरान जंग के बीच कहां-कहां से आ रहा तेल – mea says india linked four lpg tanker crossed hormuz strait amid iran israel america war wdrk


भारत ने शुक्रवार को कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे घटनाक्रमों पर सरकार की करीबी नजर है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि सरकार देश के ऊर्जा हितों की सुरक्षा के लिए प्रमुख साझेदारों से लगातार बातचीत हो रही है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि युद्ध की शुरुआत से अब तक होर्मुज से चार कार्गो जहाज एलपीजी लेकर भारत आए हैं. रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत क्षेत्र के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है और अपने ऊर्जा हितों की सुरक्षा के लिए प्रमुख साझेदार देशों के साथ लगातार संपर्क में है.

जायसवाल ने कहा, ‘हम पश्चिम एशिया में हो रहे सभी घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रहे हैं… हम प्राथमिकता के आधार पर होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सुरक्षित और मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील करते रहते हैं.’

उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में भारत की ओर आने वाले चार जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर देश पहुंचे हैं. जायसवाल ने कहा, ‘हम आपको उन भारतीय जहाजों के बारे में लगातार जानकारी देते रहे हैं जो अब तक होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं. कुछ दिन पहले चार LPG से लदे जहाज सुरक्षित रूप से इस रास्ते को पार कर भारत पहुंचे हैं.’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया कि भारत क्या रूस के अलावा ईरान से भी तेल खरीद रहा है तो उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा सप्लाई के फैसले तीन मुख्य कारकों के आधार पर लिए जाते हैं- 1.4 अरब की आबादी की जरूरतें, बाजार की स्थिति और वैश्विक परिस्थितियां. हालांकि, उन्होंने ये बताने से इनकार किया कि भारत युद्ध के दौरान किन-किन देशों से तेल और गैस खरीद रहा है.

ईरान जंग के बीच भारत कूटनीतिक स्तर पर क्या कर रहा है?

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था जो अब तक जारी है. हमलों के जवाब में ईरान खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अमेरिकी हितों को निशाना बना रहा है.

इस युद्ध में यूएई, सऊदी अरब, कतर जैसे देशों का भारी नुकसान हो रहा है. ईरान ने खाड़ी देशों की तेल और गैस सप्लाई के लिए अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया है. इस समुद्री रास्ते के बंद होने से तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं और इसका असर दुनिया के सभी देशों पर हो रहा है.

युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी कूटनीतिक स्तर पर जारी भारत के प्रयासों का भी जिक्र किया और बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26–27 मार्च को फ्रांस में G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं.

इस दौरान उन्होंने फ्रांस, कनाडा, दक्षिण कोरिया, जापान, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और यूक्रेन के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें आपसी संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई.

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