ईरान एक बड़ा हमला हुआ है. ईरान की सरकारी मीडिया का दावा है कि उसके न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया गया है. इसमें हेवी-वॉटर प्लांट और येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट शामिल है. ईरान की फ़ार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार अमेरिका और इजरायल के हमलों में मध्य ईरान में स्थित एक हेवी वॉटर रिएक्टर को निशाना बनाया गया है.
फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने सेंट्रल मरकजी प्रांत के एक अधिकारी हसन गमारी के हवाले से बताया, “खोंदाब हेवी वॉटर कॉम्प्लेक्स को अमेरिकी और इजरायली दुश्मन के हमले में दो फेज में निशाना बनाया गया.”
हेवी-वॉटर प्लांट और येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट दोनों ही परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण प्लांट होते हैं. हेवी-वॉटर मुख्य रूप से परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन की गति कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
Yellowcake यूरेनियम अयस्क से निकाला गया यूरेनियम का शुरुआती केंद्रित रूप होता है. यह पीले रंग का पाउडर होता है. यह परमाणु ईंधन बनाने की पहली स्टेज है. इसी येलोकेक को प्रोसेस कर आगे परमाणु बम बनाया जाता है.
रिपोर्ट के अनुसार ये हमला खोंदाब पावर प्लांट पर हुआ है. यहां तकरीबन 10 बार हमला किया गया है. हमले के बाद यहां काला धुआं निकल रहा है. इस हमले से अबतक किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं आई है.
खोंदाब पावर प्लांट ईरान के मध्य भाग में अराक शहर के पास खोंदाब इलाके में स्थित है. पहले इसे अराक हेवी वॉटर रिएक्टर (Arak Heavy Water Reactor) या IR-40 के नाम से जाना जाता था. 2017 में इसका आधिकारिक नाम बदलकर खोंदाब हेवी वॉटर रिसर्च रिएक्टर कर दिया गया. यह पारंपरिक बिजली उत्पादन करने वाला पावर प्लांट नहीं है, बल्कि एक हेवी वॉटर रिसर्च रिएक्टर है. हेवी वॉटर रिएक्टर प्राकृतिक यूरेनियम से चल सकते हैं और प्लूटोनियम का बाई प्रोडक्ट उत्पन्न करते हैं, जिसके कारण यह परमाणु प्रसार के नजरिए से संवेदनशील माना जाता है.
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