मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को लेकर अमेरिका ने बड़ा दावा किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह युद्ध महीनों नहीं, बल्कि हफ्तों में खत्म हो सकता है. हालांकि इस दौरान अमेरिका अपनी सैन्य और कूटनीतिक कोशिशें लगातार जारी रखे हुए है.

रुबियो ने कहा, ‘खाड़ी का युद्ध अभी भी हफ्तों में समाप्त होने की उम्मीद है, महीनों में नहीं. अमेरिकी अभियान तय समय के अनुसार या उससे आगे चल रहा है. अगले कुछ हफ्तों में जब हम अपना अभियान पूरा कर लेंगे, तब दुश्मन (ईरान) हालिया इतिहास की तुलना में सबसे कमजोर स्थिति में होगा.”

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी विदेश मंत्री ने किसी भी दीर्घकालिक जमीनी युद्ध की संभावना को खारिज कर दिया. फ्रांस में G7 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद रुबियो ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में इसे खत्म कर देंगे. अमेरिका बिना ‘ग्राउंड ट्रूप्स’ उतारे ही अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने में सक्षम है.’
हालांकि इसके बावजूद अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों मरीन और विशेष एयरबोर्न सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी है.

रुबियो के मुताबिक, यह तैनाती केवल एहतियात के तौर पर की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास सभी विकल्प मौजूद रहें. हालांकि इस कदम से यह आशंका भी बढ़ गई है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो यह संघर्ष जमीनी युद्ध का रूप ले सकता है.

ईरान के साथ संदेशों का आदान-प्रदान

रुबियो ने बताया कि ईरान की ओर से अमेरिका को कुछ संदेश मिले हैं, लेकिन उसने अभी तक अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है. उन्होंने कहा, ‘हमारे बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है और ईरानी सिस्टम की ओर से कुछ संकेत मिले हैं कि वे कुछ मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हो सकते हैं.’

रुबियो ने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखना होगी. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क (टोल) लगाने की कोशिश कर सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है.

रुबियो ने कहा, ‘यह न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि दुनिया के लिए खतरनाक भी है. जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसके लिए पहले से योजना बनाए.’

रूस से जुड़े दावों को किया खारिज

हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रूस ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में मदद कर रहा है. रुबियो ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि रूस की ओर से ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है, जिससे अमेरिका के सैन्य अभियान पर कोई असर पड़े. उन्होंने कहा, ‘रूस ऐसा कुछ नहीं कर रहा जो हमारे ऑपरेशंस को प्रभावित कर सके.’

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