लखनऊ में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर युवकों को जाल में फंसाने, फिर बंधक बनाकर लूटपाट करने का मामला सामने आया है. इंदिरानगर के रहने वाले युवक ने आरोप लगाया कि इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद उसे मिलने के लिए बुलाया गया. फिर सुनियोजित तरीके से बंधक बनाकर उसे पीटा गया.

आरोपियों ने न सिर्फ उसकी सोने की चेन और नकदी लूट ली, बल्कि ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर करा लिए. इतना ही नहीं, ब्लैकमेल करने के इरादे से उसकी पिटाई का वीडियो बना लिया गया. पीड़ित के मुताबिक, 30 नवंबर 2025 को इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती शिवम नाम के युवक से हुई थी.

कुछ दिन बाद शिवम ने उसे घुमाने के बहाने रात करीब 8:20 बजे खुर्रमनगर इलाके में बुलाया. वहां से बाइक पर बैठाकर सीमैप की ओर ले गया, लेकिन रास्ते में पहले से घात लगाए उसके साथी संदीप और विवेक भी पहुंच गए.

आरोप है कि संदीप ने पीड़ित युवक की जेब में एक पुड़िया रखकर उसे गांजा तस्करी में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी. विरोध करने पर विवेक नाम के युवक ने चाकू निकाल लिया, जिसके बाद तीनों ने उसे जंगल में ले जाकर बेरहमी से पीटा. मुंह पर रूमाल बांधा और उसे बंधक बनाकर रखा.

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पीड़ित का आरोप है कि उससे 8500 रुपये कैश, सोने की चेन लूट ली गई और जबरन 4000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए. रात करीब 10:30 बजे आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर वापस खुर्रमनगर में छोड़ गए.

अगले दिन उसने इलाज कराया, लेकिन पिटाई का वीडियो बनाए जाने और ब्लैकमेलिंग के डर से वह चुप रहा. आखिरकार 20 मार्च को उसने इंदिरानगर थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया.

इसी तरह एक और पीड़ित ने खुलासा किया कि सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद उसे कुकरैल बुलाकर रातभर जंगल में बंधक बनाकर पीटा गया. उससे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराए गए. इंदिरानगर पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

पूरे मामले को लेकर पुलिस ने क्या कहा?

इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह के मुताबिक, मामला पुराना जरूर है, लेकिन तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि नामजद आरोपी पहले भी इंदिरानगर समेत अन्य थानों से जेल जा चुके हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गिरोह पहले भरोसा जीतते हैं, फिर सुनसान जगह बुलाकर अपराध को अंजाम देते हैं- और वीडियो बनाकर पीड़ित को चुप रहने पर मजबूर करते हैं. इसलिए अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें. सोशल मीडिया पर हर मुस्कुराता चेहरा भरोसे के लायक नहीं होता. एक छोटी सी लापरवाही बड़े खतरे में डाल सकती है. इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें.

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