अयोध्या में पूर्णाहुति के दिन बड़ा ‘अग्निकांड’, चपेट में आई गौशाला, बाल-बाल बचे श्रद्धालु  – ayodhya mahayagya fire incident near ram mandir latest news ntc dhrj


अयोध्या में राम मंदिर से बस थोड़ी ही दूर राजघाट पर पिछले नौ दिनों से एक बड़ा आयोजन चल रहा था, लेकिन आखिरी दिन वहां अचानक सब कुछ बदल गया. श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति हो रही थी, तभी अज्ञात कारणों से वहां भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि उन्होंने यज्ञशाला के साथ-साथ पास की गौशाला को भी अपनी चपेट में ले लिया. उस वक्त वहां काफी लोग मौजूद थे, जिससे अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.

हैरानी की बात यह है कि सरयू तट पर बाटी वाले बाबा के पास करीब एक एकड़ में फैले इस महायज्ञ का आज ही पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ था. यह महायज्ञ स्वामी जी महाराज द्वारा आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह कर रहे थे. समापन के दिन ही अज्ञात कारणों से लगी इस आग ने उत्सव के माहौल को दहशत में बदल दिया.

आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन में खलबली मच गई. डीएम निखिल टीकाराम फूंडे और एसएसपी गौरव ग्रोवर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर जुटी रहीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया है.

प्रशासन और आयोजकों के लिए राहत की बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में अब तक किसी के हताहत होने या किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं मिली है. दमकल विभाग के मुताबिक, आग यज्ञशाला से शुरू होकर गौशाला तक फैल गई थी, लेकिन समय रहते बचाव कार्य शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.

अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

इस हादसे के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन और प्रशासन की कमी को दर्शाती है. अखिलेश यादव ने इस पूरे आयोजन के पीछे के आर्थिक और मानवीय स्रोतों की जांच की मांग की है.

अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘जनता में फैली ये बात बेहद निंदनीय है कि इस यज्ञ के नाम पर मंत्री जी से संबंधित विभाग से विभागीय स्तर पर बड़ी वसूली हुई और पैसे बचाने के चक्कर में विशेषज्ञों की देखरेख के बिना ही ये आयोजन हुआ.’ उन्होंने उम्मीद जताई कि हादसे में सभी लोग सुरक्षित होंगे, लेकिन साथ ही भ्रष्टाचार और लापरवाही के पहलुओं पर जांच की जरूरत बताई.

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