मुर्शिदाबाद के नवाब परिवार के सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से गायब, नागरिकता पर सवाल – west bengal election murshidabad nawab family names voter list ntc mkg


पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के नवाब परिवार के लगभग 100 सदस्यों के नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान वोटर सूची से हटाने का आरोप लगा है. परिवार ने अपने भारतीय नागरिक होने के दस्तावेज चुनाव आयोग को सौंपे, लेकिन कई नाम स्थायी रूप से हटा दिए गए. इस विवाद से परिवार के सदस्यों की मतदान के अधिकार पर सवाल उठ गया है. वे ट्राइब्यूनल में अपील करने की योजना बना रहे हैं.

जानकारी के अनुसार, सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद नवाब परिवार के सदस्य सभी जरूरी दस्तावेज लेकर चुनाव आयोग के सामने उपस्थित हुए थे. लेकिन परिवार के कई सदस्यों के नाम सूची से हटा दिए गए. साल 1757 के प्लासी युद्ध के बाद सिराजुद्दौला की हार के पश्चात मीरजाफर ब्रिटिशों की मदद से सत्ता में आए थे. वर्तमान में उनके 15वें वंशज मोहम्मद रेजा अली मिर्जा हैं. उन्हें छोटे नवाब कहा जाता है.

वो अपने परिवार के साथ मुर्शिदाबाद के किला निजामत क्षेत्र में रहते हैं. उनके साथ 16वें वंशज सैयद मोहम्मद फहीम मिर्जा और परिवार के अन्य सदस्य भी निवास करते हैं. उनके नाम वोटर सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है. फहीम मिर्जा मुर्शिदाबाद नगर पालिका के 10 नंबर वार्ड के पार्षद हैं. वो सूबे में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के नेता भी हैं. उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

उन्होंने कहा, ”साल 2002 की वोटर सूची में मेरे और पिता का नाम था. हमने वोट भी दिया था. लेकिन इस बार एसआईआर प्रक्रिया में हमारे परिवार के कई लोगों के नाम हटा दिए गए. हजारद्वारी पैलेस समेत मुर्शिदाबाद के कई ऐतिहासिक भवन हमारे पूर्वजों ने बनवाए हैं. इसके बावजूद हमारा नाम वोटर सूची से हटाकर हमारी नागरिकता पर सवाल खड़ा किया जा रहा है. हमारे परिवार के साथ गलत हो रहा है.”

फहीम मिर्जा ने बताया कि उनके 82 वर्षीय पिता ने अस्वस्थ होने के बावजूद सभी दस्तावेज खुद जमा किए थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. उन्होंने सवाल उठाया, ”क्या मुर्शिदाबाद के नवाब परिवार के सदस्य अब भारत के नागरिक नहीं हैं? इसका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए.” उन्होंने कहा कि वे इस मामले में ट्राइब्यूनल में अपील करेंगे, लेकिन तब तक विधानसभा चुनाव समाप्त हो सकता है.

इस वजह से उनके परिवार के कई सदस्य इस बार मतदान नहीं कर पाएंगे. वहीं, मुर्शिदाबाद विधानसभा सीट के भाजपा उम्मीदवार गौरिशंकर घोष ने कहा, ”हमारी पार्टी या चुनाव आयोग ने किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाने को नहीं कहा है. यदि किसी का नाम हट गया है, तो वे फॉर्म 6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं.” गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

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इनपुट- सब्यसाची बनर्जी



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