फिटनेस का असली ये नहीं होता कि आप जिम में कितना भारी वजन उठा सकते हैं. आपने पिछले कुछ सालों सिद्धार्थ शुक्ला जैसे कई लोगों के बारे में सुना होगा जो देखने में तो काफी फिट थे लेकिन वो किसी कारण से कोलेप्स कर गए. इसका कारण है कि लोग आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिर्फ ऊपरी फिटनेस पर ध्यान देते हैं लेकिन अपनी इनर और कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ पर ध्यान नहीं देते. जिम जाने वाले लोगों को लगता है कि वो ठीक हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब शरीर पर थोड़ा दबाव पड़ता है. असली फिटनेस टेस्ट जिम में आपकी ताकत नहीं, बल्कि आपकी दौड़ने की क्षमता (Running endurance) होती है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर उम्र का शरीर एक औसत समय तक दौड़ सकता है. अगर आप उस लेवल तक भी नहीं पहुंच पा रहे, तो समझिए शरीर का स्टैमिना और कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ यानी दिल और फेफड़ों की सेहतधीरे-धीरे गिर रही है या पहले ही गिर चुकी है. डॉक्टरों का मानना है कि कम रन टाइम, बढ़ती थकान और सांस फुलना ऐसे संकेत हैं जो बताते हैं कि आपको अपनी हेल्थ रूटीन पर दोबारा ध्यान देने की जरूरत है.
कितनी उम्र में कितने मिनट दौड़ना चाहिए?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर उम्र के लिए फिटनेस के अलग आंकड़े होते हैं. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और सीडीसी (रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र) के मुताबिक, 20-30 साल वालों को कम से कम 25-30 मिनट लगातार दौड़ने में सक्षम होना चाहिए.
30-40 साल की उम्र में 20-25 मिनट का रन टाइम नॉर्मल माना जाता है. 40-50 साल के बाद 15-20 मिनट दौड़ना हेल्दी कार्डियो संकेत है. वहीं 50 से ऊपर वालों को वॉक-जॉग फॉर्म में 10-15 मिनट दौड़ना पर्याप्त माना जाता है. अगर आप इन मिनिट्स से पहले ही थक रहे हैं या सांस फूल रही है, तो फिटनेस लेवल गिर रहा है या गिर चुका है. यह आंकड़ा केवल एथलीट्स के लिए नहीं, बल्कि एक आम इंसान को स्वस्थ रहने के लिए भी जरूरी है.
क्यों घटती है रनिंग कैपेसिटी और स्टेमिना?
रनिंग स्टेमिना और कैपेसिटी गिरने के पीछे सबसे बड़ा कारण फिजिकल एक्टिविटी की कमी और खराब डाइट है. वहीं जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, मसल मास, फेफड़ों की क्षमता और हृदय की पंपिंग क्षमता कम होती जाती है.
यदि आप घंटों बैठकर करते हैं तो शरीर के मसल्स टाइट होने लगते हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है. इसके अलावा, स्मोकिंग, नींद की कमी और ज्यादा तनाव भी आपके फेफड़ों की क्षमता को कम कर देते हैं. जब आप दौड़ने की कोशिश करते हैं, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और आप जल्दी थक जाते हैं.
डॉक्टर्स का मानना है कि यदि कोई रेगुलर फिजिकल एक्सरसाइज नहीं कर रहा है या गलत खानपान कर रहा है तो यह गिरावट और भी तेज हो सकती है. हार्ट रनिंग कैपेसिटी और स्टेमिना गिरने का कारण सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि सुस्त लाइफस्टाइल भी है.
कैसे सुधारें अपनी फिटनेस?
यदि आप लगातार ऊपर बताई हुई दूरी तय नहीं कर पा रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप धीरे-धीरे फिटनेस पर काम करके इसे सुधार सकते हैं. इसके लिए आप अपनी शुरुआत तेज चलने यानी ब्रिक्स वॉकिंग से करें. इसके बाद पैदल चलना और दौड़ने को कंबाइन करें. अपनी डाइट में प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स शामिल करें और हाइड्रेशन का पूरा ध्यान रखें. इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात कि आप किसी कोच या डॉक्टर की सलाह लेकर ही इस रूटीन को फॉलो करें.
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