चीनी उत्पादों से दूरी जरूरी PM Modi Appeal


प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार की जो अपील की और पिचकारी से लेकर गणेश जी की मूर्तियों का जो जिक्र किया, उससे साफ है कि उन्होंने चीन के उत्पादों के बहिष्कार की बात कही है. उन्होंने कहा भी कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए हर भारतीय को विदेशी, खासकर चीनी उत्पादों को छोड़ना होगा. पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिये पाकिस्तान को सबक सिखाया गया और विश्व समुदाय को उसकी असलियत बताने के लिए सरकार ने प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं, तो पाकिस्तान के मददगारों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है. तुर्किये की एविएशन कंपनी सेलेबी के खिलाफ कदम उठाये गये हैं और अब चीन की बारी है. जो चीन पाक प्रायोजित आतंकवाद का समर्थन करता है, पाकिस्तान को हथियार देता है, पाक आतंकियों को बचाता है, जो अफगानिस्तान को भारत के साथ खड़े होने से रोकने की कोशिश में लगा है, उसके सामान का बहिष्कार करना उचित है. चीन ने बांग्लादेश को भी सैन्य सहायता दी है, जिससे वह पूर्वोत्तर भारत में, खासकर चिकन नेक के पास सैन्य अड्डा निर्माण की योजना बना रहा है.

हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स और ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए भारत चीन पर जिस तरह निर्भर है, उसमें चीनी सामान का एकबारगी पूर्ण बहिष्कार संभव नहीं लगता. गलवान संघर्ष के बाद चीनी मालों के बहिष्कार अभियान के दौरान भी चीनी सामान की बिक्री में 25 से 40 फीसदी की कमी आयी थी. पिछले कुछ वर्षों से दीपावली, क्रिसमस और अन्य त्योहारों पर इस्तेमाल होने वाले सजावटी सामान अधिकतर चीन से आयातित होते हैं. मोबाइल फोन के मामले में भी चीनी ब्रांड भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाले ब्रांड हैं. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में देश में चीन से आयातित प्लास्टिक खिलौनों की हिस्सेदारी 52 फीसदी थी, जो अब बढ़कर करीब 75 प्रतिशत हो चुकी है. ये तथ्य बताने के लिए काफी हैं कि चीनी मालों का बहिष्कार देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कितना आवश्यक है. चीन के साथ कारोबार में भारत को चूंकि व्यापार घाटा होता है, ऐसे में, चीनी उत्पादों से दूरी बनाने पर व्यापार घाटा तो कम होगा ही, मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा मिलेगा. चीनी उत्पादों के बहिष्कार की प्रधानमंत्री की अपील कोई भावनात्मक अपील नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *