ईरान में कौन-कौन से बोर्ड की होती है पढ़ाई? भारत से कितना अलग है एजुकेशन सिस्टम  – iran board exam education system know how different from india ngix


अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर वहां के छात्रों पर भी पड़ रहा है . एक ओर युद्ध के कारण CBSE ने बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी है. तो वहीं, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र अपने करियर को लेकर परेशान हैं. लेकिन लोगों मन में ये सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान में भारत की तरह की बोर्ड एग्जाम का आयोजन किया जाता है? तो इसका जवाब है नहीं. ईरान में भारत की तरह बोर्ड पर आधारित नहीं होती. ईरान में शिक्षा व्यवस्थित और केंद्रीकृत प्रणाली के तहत चलती है, जिसका सर‑अधिकार Ministry of Education (Iran) के पास रहता है.

6-3-3 मॉडल पर होती है पढ़ाई

ईरान में शिक्षा का ढांचा 6-3-3 सिस्टम पर काम करता है. इसमें 6 साल की प्राइमरी, 3 साल की लोअर सेकेंडरी और 3 साल की हायर सेकेंडरी की पढ़ाई होती है. यह हमारे पुराने 10+2 मॉडल से काफी मिलता-जुलता है.

नहीं होती हैं बार्ड परीक्षाएं

ईरान में किसी तरह की बोर्ड परीक्षाएं नहीं होती हैं, तो अब सवाल यह है कि जब बोर्ड परीक्षाएं नहीं होती हैं, तो CBSE ने बोर्ड परीक्षाएं कैसे रद्द की? बता दें कि CBSE ईरान या विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करता है. CBSE भारत का केंद्रीय शिक्षा बोर्ड है,जो दूसरे देशों में बसे भारतीय छात्रों के लिए भी बोर्ड परीक्षा आयोजित करता. दुनिया भर में CBSE से संबद्ध लगभग 28 विदेशी स्कूल हैं, जहां छात्र बोर्ड परीक्षा दे सकते हैं,जो भारत में होती है.

कौन से भाषा में होती है वहां पढ़ाई ?

जहां भारत में इंग्लिश, हिंदी और उर्दू मीडियम से स्कूलों में पढ़ाई होती है, वहीं ईरान में फारसी (Persian) भाषा में पढ़ाई होती है. ईरान में उच्च शिक्षा के लिए तो फारसी का क्वालीफाइंग एग्जाम भी पास करना होता है.इसे पर्शियन लैंगुएज प्रोफिसिएंसी टेस्ट कहा जाता है. इसमें फारसी सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने की योग्यता का टेस्ट किया जाता है.

Konkur परीक्षा है टफ

जिस तरह भारत में JEE या NEET परीक्षाएं होती हैं, उसी तरह ईरान में कोंकूर परीक्षा का क्रेज है. यह एक सेंट्रलाइज्ड यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम है, जिसे दुनिया का सबसे कठिन एग्जाम माना जाता है. लाखों छात्र इस परीक्षा को देते हैं और इसी के आधार पर उन्हें देश की टॉप यूनिवर्सिटीज में दाखिला मिलता है. लेकिन अगर वह इस एग्जाम में फेल हो जाते हैं, तो उन्हें मिलिट्री में जाना होता है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *