अमेरिकी कोर्ट में सुनवाई टैरिफ पर हो रही थी, ट्रंप प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्यों दिया हवाला? – Trump Tariff Trade US trade Court Verdict India Pakistan Ceasefire Liberation Day Tariff ntc


अमेरिका की ट्रेड कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका देते हुए लिबरेशन डे टैरिफ को अवैध बताते हुए इस पर रोक लगा दी है. यह फैसला मैनहट्टन की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट के तीन जजों के पैनल ने दिया है. लेकिन ट्रंप सरकार ने टैरिफ की पैरवी करते हुए भारत और पाकिस्तान सीजफायर का जिक्र किया है.

ट्रंप सरकार में वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने अमेरिकी कोर्ट के समक्ष अपने बयान में कहा है कि टैरिफ की मदद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने में मदद मिली. आज तक के पास लुटनिक के इस बयान की फुल कॉपी है.

लुटनिक ने कोर्ट के समक्ष कहा कि दो अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का ऐलान किया तो कई देशों ने तुरंत अमेरिकी सरकार से संपर्क किया. इनमें से कई देशों ने अपने हितों की वजह से अमेरिका के टैरिफ पर कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की.

उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई ऐसे विदेशी ट्रेडिंग पार्टनर्स जिनका हमारे साथ वर्षों से व्यापार घाटा है. वो तुरंत अमेरिका के साथ बातचीत की टेबल पर आ गए. इन देशों को अमेरिकी सरकार की ओर से लाभ भी मिला और हमने टैरिफ पर कुछ समय के लिए रोक भी लगाई.

लुटनिक ने बयान में कहा कि भारत और पाकिस्तान दो परमाणु शक्तियों ने 13 दिनों की सैन्य कार्रवाइयों के बीच 10 मई पर सीजफायर पर सहमति बनी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप की वजह से दोनों देश युद्धविराम कर पाए. ट्रंप ने दोनों देशों को ट्रेड का ऑफर दिया, जिससे एक पूर्ण युद्ध की स्थिति से बचाया गया. लेकिन कोर्ट के इस फैसले की वजह से राष्ट्रपति ट्रंप की शक्तियों को सीमित करता है, जिससे भारत और पाकिस्तान ट्रंप के ऑफर की वैधता पर सवाल उठा सकते हैं, जिसेस पूरे क्षेत्र में लाखों लोगो की जिंदगियों की सुरक्षा को खतरा पहुंच सकता है.

ट्रंप भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर क्या कह चुके हैं?

यूं ते ट्रंप कई मौकों पर भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट ले चुके हैं. लेकिन उन्होंने हाल ही में अमेरिका-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम को संबोधित कर कहा कि कुछ दिन पहले मेरी सरकार ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने के लिए सीजफायर करवाया. मैंने ट्रेड का बड़े पैमाने पर उपयोग किया. मैंने ट्रेड का हवाला देकर दोनों देशों से कहा कि आओ डील करते हैं. ट्रेड करें. न्यूक्लियर मिसाइल नहीं चलाएं बल्कि ऐसी चीजों का कारोबार करते हैं, जो आप खूबसूरत तरीके से बनाते हैं. दोनों देशों के प्रधानमंत्री ताकतवर हैं, बहुत ताकतवर हैं, अच्छे नेता हैं, स्मार्ट हैं. उन्होंने बात मानकर ये जंग रोक दी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि वे वास्तव में अब साथ मिल रहे हैं. शायद हम उन्हें थोड़ा और करीब ला सकते हैं. वे अच्छा डिनर करें. हमने बेहतरीन काम किया है, एक ऐसी स्थिति को टाला है, जिससे लाखों लोग मर सकते थे. बता दें कि 10 मई को राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि भारत और पाकिस्तान सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं.



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