आजकल LPG गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं. इन दिनों LPG गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. कुछ जगहों पर खबरें आई हैं कि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करके घर में जमा कर रहे हैं. लेकिन सरकार का कहना है कि देश में गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और हर दिन लाखों सिलेंडर लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं.
भारत सरकार के मुताबिक, आमतौर पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के 5-7 दिन के अंदर मिल जाती है. इसके बावजूद कई इलाकों में जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में कुछ मामलों में यह देखा गया कि कई जगहों पर लोगों ने जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर इकट्ठा कर लिए. ऐसे मामलों में प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है. इसी वजह से अब आम लोगों के मन में सवाल है कि आखिर घर में कितने गैस सिलेंडर रखना नियमों के अनुसार सही है.
घर में कितने LPG सिलेंडर रख सकते हैं?
घरेलू गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए कुछ तय नियम होते हैं-एक सामान्य कनेक्शन पर दो सिलेंडर रखने की अनुमति होती है. एक सिलेंडर इस्तेमाल में रहता है और दूसरा सिलेंडर बैकअप (रिजर्व) के रूप में रखा जाता है. यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत दूसरा सिलेंडर इस्तेमाल किया जा सके और लोगों को बार-बार परेशानी न हो. ज्यादातर गैस कंपनियां इसी नियम का पालन करती हैं. इससे गैस की सप्लाई भी संतुलित रहती है और हर घर तक गैस आसानी से पहुंचती है.
कौन तय करता है गैस के नियम?
भारत में गैस सिलेंडर से जुड़े नियम बड़ी तेल कंपनियां लागू करती हैं, जैसे:
- इंडियन ऑयल
- भारत पेट्रोलियम
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम
घर में कितने सिलेंडर रख सकते हैं?
नियम के अनुसार, एक घर में 14.2 किलो के 2 सिलेंडर रखने की अनुमति होती है.एक सिलेंडर इस्तेमाल में रहता है, दूसरा बैकअप (रिजर्व) के लिए होता है
यह सिस्टम इसलिए है ताकि गैस खत्म होने पर तुरंत दूसरा सिलेंडर इस्तेमाल किया जा सके. ये कंपनियां सुरक्षा नियमों का पालन करती हैं, जो सरकार और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बनाए गए हैं.
कब माना जाता है जमाखोरी
अगर कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा LPG सिलेंडर जमा करता है, तो इसे जमाखोरी माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में मामला गंभीर हो जाता है.
- घर या गोदाम में कई भरे हुए सिलेंडर जमा रखना.
- बार-बार बुकिंग करके नियमों का गलत फायदा उठाना
- घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल होटल या दुकान में करना
- सिलेंडर को ज्यादा दाम में बेचने की कोशिश करना
- इन सभी मामलों में प्रशासन जांच करता है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है.
कब माना जाता है जमाखोरी?
अगर कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करता है, तो उसे जमाखोरी (Hoarding) कहा जाता है।
जमाखोरी इन स्थितियों में मानी जाती है:
- घर या गोदाम में बहुत सारे सिलेंडर रखना
- बार-बार बुकिंग करके ज्यादा स्टॉक इकट्ठा करना
- घरेलू सिलेंडर को होटल या दुकान में इस्तेमाल करना
- सिलेंडर को महंगे दाम पर बेचने की कोशिश करना
- जमाखोरी पर क्या कार्रवाई होती है?
भारत में LPG गैस जरूरी चीजों में आती है. इसलिए इसकी जमाखोरी करना अपराध है. ऐसा करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है.
- अतिरिक्त सिलेंडर जब्त किए जा सकते हैं
- आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो सकता है
- 3 महीने से 7 साल तक की जेल हो सकती है
- जुर्माना भी देना पड़ सकता है
साथ ही, अगर कोई दुकानदार या डीलर नियम तोड़ता है, तो उसकी डीलरशिप भी रद्द हो सकती है.
क्या गैस की कमी है?
सरकार के अनुसार,हर दिन करीब 50 लाख LPG सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं, यानी गैस की कोई कमी नहीं है. इसलिए लोगों को घबराकर ज्यादा सिलेंडर जमा करने की जरूरत नहीं है.
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