कानपुर हेयर ट्रांसप्लांट केस में डॉ. अनुष्का का कबूलनामा, कहा- मैंने ही किया ट्रांसप्लांट, गिरफ्तारी के डर से बोला था झूठ – kanpur hair transplant doctor anushka tiwari confession engineers death case lcla


कानपुर हेयर ट्रांसप्लांट केस में दो इंजीनियरों की मौत के मामले में गिरफ्तार डॉक्टर अनुष्का तिवारी ने बड़ी बात स्वीकार की है. उन्होंने जांच अधिकारियों को बताया कि दोनों मृतक इंजीनियरों मयंक कटियार (फर्रुखाबाद) और विनीत दुबे (कानपुर) का ट्रांसप्लांट उन्होंने ही अपनी क्लिनिक में किया था. इससे पहले अनुष्का तिवारी ने थाने में एक लिखित बयान भेजा था, जिसमें इन ट्रांसप्लांट को खुद करने से इंकार किया था, लेकिन अब सच सामने आ गया है.

डॉक्टर अनुष्का ने जांच अधिकारियों को बताया कि मयंक का ट्रांसप्लांट मार्च में किया था, जिसके बाद कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई. उसके बाद विनीत दुबे का भी ट्रांसप्लांट उनकी क्लिनिक में किया गया था, जो 15 मार्च को उनकी मौत की वजह बना. अनुष्का ने कहा कि उनके वकीलों के दबाव में झूठा बयान दिया था.

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डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने पुष्टि की कि डॉक्टर ने जेल में अपनी गलती स्वीकार कर ली है. उन्होंने यह भी बताया कि अनुष्का ने प्लास्टिक सर्जन की डिग्री नहीं ली है, बल्कि बीडीएस की डिग्री के बाद हेयर ट्रांसप्लांट का डिप्लोमा हासिल किया था, लेकिन पुलिस के पास अभी तक उसकी कोई वैध डिग्री नहीं है.

पुलिस अब अनुष्का तिवारी को रिमांड पर लेकर क्लिनिक की जांच करेगी, साथ ही क्लिनिक में साथ काम करने वालों की भी जांच की जाएगी कि वे प्रशिक्षित थे या नहीं. अनुष्का के क्लिनिक में कई और भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मरीजों की तबीयत खराब हुई, लेकिन बाद में इलाज से ठीक हो गए. फर्रुखाबाद के मृतक इंजीनियर मयंक के परिवार ने भी पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है. उनका कहना है कि अभी तक पुलिस ने कोई औपचारिक जांच शुरू नहीं की है.

इससे पहले अनुष्का ने कहा था कि मैंने विनीत दुबे का हेयर ट्रांसप्लांट नहीं किया, उनका हेयर ट्रांसप्लांट बर्रा के साईं चैरिटेबल हॉस्पिटल के अंदर डॉक्टर मनीष कुमार ने किया था. विनीत की तबीयत खराब होने के बाद हमसे संपर्क किया था. 13 मार्च को ट्रांसप्लांट हुआ और 15 मार्च को विनीत की मौत हो गई थी.

पूरे मामले को लेकर डीसीपी ने क्या बताया?

डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक, विवेचक जेल में डॉक्टर का बयान लेने पहुंचा था, जहां उन्होंने स्वीकार कर लिया कि मैंने ही हेयर ट्रांसप्लांट किया था, लेकिन मेरे वकीलों ने कहा था कि अगर सच्चाई बता दोगी तो आप गिरफ्तार हो जाओगी, इसलिए मैंने बयान झूठ दिया था.

अनुष्का ने यह भी बताया कि मैं बिहार से लेकर हरियाणा सब जगह भटकती रही, मजबूर होकर सरेंडर किया. जब मैंने देखा अभी जमानत अब नहीं हो पा रही है तो सरेंडर करना ही उचित समझा. डॉक्टर ने यह भी साफ किया कि उन्होंने प्लास्टिक सर्जन की डिग्री नहीं ली है, लेकिन बीडीएस की डिग्री के बाद उन्होंने हेयर ट्रांसप्लांट का डिप्लोमा किया था.



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