तेलंगाना से खुदकुशी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. सिद्धिपेट जिले के चेरियाल मंडल के मुस्त्याल गांव में एक दुखद घटना सामने आई है. यहां एक युवक और युवती ने कथित जातीय विरोध की वजह से आत्महत्या कर ली. मृतक दंपत्ति की पहचान अनुमुला राकेश रेड्डी (25) और थरिगोप्पुला हारिका (22) के तौर पर हुई है.

जानकारी के अनुसार राकेश और हारिका ने प्रेम विवाह किया था और शादी के बाद हैदराबाद में रहने लगे. हालांकि, शादी के तीन महीने बाद राकेश के परिवार ने दोनों को उनके पैतृक गांव वापस बुलाया. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, राकेश के माता-पिता ने विवाह को स्वीकार नहीं किया क्योंकि दोनों अलग-अलग जातियों से थे. इसके कारण दंपत्ति को गंभीर मानसिक और भावनात्मक तनाव झेलना पड़ा.

कपल ने किया सुसाइड

चेरियाल पुलिस स्टेशन के SHO के अनुसार, राकेश रेड्डी ने 28 मार्च को कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया. गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान 30 मार्च को उनकी मौत हो गई.

बताया गया है कि इससे पहले हारिका ने भी आत्महत्या का प्रयास किया था. इस घटना के बाद पुलिस ने राकेश के माता-पिता को समझाया और विवाह को स्वीकार करने की सलाह दी. हालांकि, परिवार ने कथित तौर पर विवाह को स्थगित करते हुए देरी जारी रखी. राकेश की मृत्यु की खबर मिलने के बाद हारिका ने 2 अप्रैल को आत्महत्या कर ली. पुलिस ने दंपत्ति की मौत की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की आगे जांच जारी है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना समाज में फैली जातीय भेदभाव और पारिवारिक दबाव की गंभीर समस्या को उजागर करती है. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

पुलिस और प्रशासन ने परिवारों को मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समर्थन की सलाह देने की प्रक्रिया शुरू की है. यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि विवाह और जातीय भेदभाव के मामलों में संवेदनशीलता और समय पर कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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सिद्धिपेट आत्महत्या



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