अमेरिका में ईरान से जुड़े लोगों पर सख्ती बढ़ गई है. ताजा घटनाक्रम में पूर्व ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी के परिवार के सदस्यों को ग्रीन कार्ड रद्द होने के बाद हिरासत में लिया गया है. इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े आरोपों के संदर्भ में देखा जा रहा है.

विदेश विभाग के मुताबिक, फेडरल एजेंट ने सुलेमानी की भतीजी और पोती को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई तब की गई जब उनके स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) का दर्जा खत्म कर दिया गया. हामिदेह सुलेमानी अफशर और उनकी बेटी अइमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट की हिरासत में हैं.

यह फैसला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा उनके ग्रीन कार्ड रद्द किए जाने के बाद लिया गया. ग्रीन कार्ड किसी विदेशी नागरिक को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है. इसके जरिए कुछ वर्षों बाद अमेरिकी नागरिकता पाने का रास्ता भी खुलता है.

ऐसे में ग्रीन कार्ड का रद्द होना बेहद गंभीर कदम माना जाता है. कासिम सुलेमानी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स के प्रमुख थे. उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में मार गिराया गया था.

अमेरिका का आरोप था कि सुलेमानी ईरान समर्थित मिलिशिया के जरिए अमेरिकी सैनिकों पर हमलों की योजना बना रहे थे. उन्हें निर्देशित कर रहे थे. अमेरिकी विदेश विभाग ने हामिदेह सुलेमानी अफशर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने अमेरिका में ईरानी शासन के समर्थन में प्रचार किया.

इतना ही नहीं उन्होंने अमेरिकी हितों के खिलाफ बयानबाजी की थी. आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए ईरान के सर्वोच्च नेता की तारीफ करते हुए अमेरिका को शैतान कहा था. IRGC के लिए खुला समर्थन जताया. अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों पर हुए हमलों का जश्न मनाया था.

स्टेट डिपार्टमेंट के बयान में यह भी कहा गया कि हामिदेह सुलेमानी अफशर लॉस एंजिल्स में रहते हुए एक आलीशान जीवनशैली जी रही थीं, जबकि सोशल मीडिया पर ईरानी शासन के पक्ष में सक्रिय थीं. अमेरिका ने उनका और उनकी बेटी का लीगल स्टेटस खत्म करते हुए पति के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी.

यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने ईरानी नेताओं के परिवार के सदस्यों पर कार्रवाई की हो. इसी महीने की शुरुआत में, पूर्व ईरानी अधिकारी अली लारीजानी के परिवार से जुड़े लोगों का कानूनी दर्जा भी रद्द किया गया था. अमेरिका का कहना है कि वो विरोधी देश के नागरिकों को अपने देश में जगह नहीं देगा.

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