उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप सिंडिकेट से जुड़े 50 हजार रुपये के इनामी फरार आरोपी शुभम जायसवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. वाराणसी की अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है. बताया जाता है कि दुबई में छिपा बैठा है. ऐसे में अब उसे दुबई से भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

जानकारी के अनुसार कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 235/2025 से संबंधित आरोपी शुभम जायसवाल को न्यायालय द्वारा 30 मार्च 2026 तक पेश होने का निर्देश दिया गया था. इससे पहले 27 फरवरी 2026 को धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा जारी की गई थी. इस आदेश की प्रति आरोपी के घर के मुख्य द्वार पर चस्पा की गई थी. साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर भी नोटिस लगाया गया और मुनादी कराकर स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी दी गई थी. इसके बावजूद शुभम तय तिथि पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ.

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कोतवाली एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के लगातार फरार रहने और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने के चलते कोर्ट ने उसे धारा 84(4) बीएनएसएस के तहत भगोड़ा घोषित कर दिया है. अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल की जाएगी.

अब तक 28 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है जब्त

पुलिस जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े एक संगठित सिंडिकेट का अहम सदस्य है. इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी. फिलहाल शुभम के दुबई में छिपे होने की आशंका है, जिसे देखते हुए उसे भारत लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं.

इस मामले में पुलिस ने आर्थिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है. अब तक शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल की करीब 28 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है. इसके अलावा 13 बैंक खातों को भी सीज किया गया है. पुलिस का कहना है कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित की गई थी.

वहीं, इस सिंडिकेट से जुड़े एक अन्य फरार आरोपी 25 हजार के इनामी प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू के खिलाफ भी धारा 82 की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. यदि वह भी कोर्ट में पेश नहीं होता है, तो उसे भी भगोड़ा घोषित किया जाएगा और उसकी संपत्तियों की कुर्की की जाएगी.

इसके अतिरिक्त इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों—विकास सिंह, प्रतीक कुमार और प्रशांत उपाध्याय—की अवैध संपत्तियों के अधिग्रहण और कुर्की के लिए न्यायालय में अलग-अलग वाद दायर किए गए हैं. इन मामलों में 18 अप्रैल 2026 को सुनवाई निर्धारित की गई है.

पुलिस का कहना है कि नशीले कफ सिरप के इस अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा.

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