मिडिल ईस्ट में तनाव का आज 37वां दिन है. कुवैत के दो पावर और वॉटर डिस्टिलेशन प्लांट्स को ईरानी ड्रोन्स ने निशाना बनाया है. कुवैत के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में प्लांट के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और बिजली पैदा करने वाली दो मुख्य यूनिट्स पूरी तरह ठप हो गई हैं. मंत्रालय ने इस हमले को आपराधिक करार दिया है.
कुवैत में जरूरी ठिकानों पर हमले का यह सिलसिला थम नहीं रहा है. इससे पहले भी ईरानी ड्रोन्स ने शुवाइख तेल क्षेत्र के एक बड़े कॉम्प्लेक्स में आग लगा दी थी. इसके अलावा एक सरकारी दफ्तर की बिल्डिंग को भी ड्रोन हमले में काफी नुकसान पहुंचा था. लगातार हो रहे इन हमलों ने खाड़ी देशों की सप्लाई चेन और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
राहत की बात यह है कि इस ड्रोन स्ट्राइक में किसी की जान नहीं गई है.फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट है क्योंकि आशंका है कि आने वाले समय में ऐसे और भी हमले देखे जा सकते हैं.

