अमेरिका जीडीपी विकास: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से शुरू किए गए टैरिफ वॉर (Tariff War) का असर अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है. 2024 की चौथी तिमाही में जहां 2.4% की वृद्धि दर्ज की गई थी. वहीं, 2025 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 0.2% की गिरावट देखी गई है. ऐसा पिछले तीन वर्षों में पहली बार हुआ है, जब अमेरिका की जीडीपी में गिरावट आई है.

आयात में जबरदस्त उछाल बना वजह

अमेरिकी वाणिज्य विभाग की ओर से जारी किए गए इस ताजा आंकड़े के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से आयात में तेज वृद्धि के कारण आई है. अमेरिकी कंपनियों ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओरसे भारी टैरिफ लागू करने से पहले विदेशी सामान आयात करने में तेजी दिखाई, जिससे पहली तिमाही में आयात में 42.6% की वृद्धि हुई. यह 2020 की तीसरी तिमाही के बाद सबसे तेज उछाल है. इस तेज आयात ने जीडीपी में 5% से अधिक की गिरावट ला दी.

टैरिफ नीति का उल्टा असर

ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति का उद्देश्य घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहित करना था, लेकिन इसके चलते कंपनियों ने भारी मात्रा में विदेशी उत्पाद पहले ही मंगा लिये. इसका नतीजा यह हुआ कि उपभोक्ता खर्च में भी गिरावट आई और घरेलू उत्पादन के आंकड़े प्रभावित हुए.

जीडीपी गणना में आयात की भूमिका

जीडीपी की गणना में केवल घरेलू उत्पादों को ही शामिल किया जाता है. आयातित वस्तुओं को घटाना पड़ता है, ताकि जीडीपी का आंकड़ा कृत्रिम रूप से न बढ़े. यही कारण है कि भारी आयात का सीधा असर जीडीपी पर नकारात्मक पड़ा, भले ही उपभोक्ता उन्हें खरीद रहे थे.

आने वाले तिमाही में राहत संभव

विशेषज्ञों का मानना है कि पहली तिमाही में जो आयात बढ़ा, वह एक अस्थायी झटका था और यह अप्रैल-जून तिमाही में दोहराया नहीं जाएगा. इसलिए आने वाले समय में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना है.

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अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

यह रिपोर्ट वाणिज्य विभाग की ओर से जारी जीडीपी अनुमानों में दूसरी थी. अंतिम और विस्तृत रिपोर्ट 26 जून 2025 को जारी की जाएगी, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सही स्थिति का और स्पष्ट पता चलेगा.

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