गुजरात के मुख्यमंत्री ने लांच किया ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’, किसानों को दी जाएगी ये जानकारी


मुख्यमंत्री ने लांच किया 'विकसित कृषि संकल्प अभियान'
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मुख्यमंत्री ने लांच किया ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’

अहमदाबाद: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को राज्यव्यापी ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की शुरुआत की। यह एक राष्ट्रीय अभियान है जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि तकनीकों के बारे में शिक्षित करना है। यह अभियान आनंद शहर में आनंद कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शुरू किया गया।

12 जून तक चलेगा अभियान

सरकार की तरफ से कहा गया है कि यह अभियान कृषि उत्पादन को बढ़ाने, किसानों की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और स्वदेशी उपज को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल के रूप में काम करेगा। 29 मई से 12 जून तक पूरे देश में चलाए जाने वाले इस अभियान का उद्देश्य कृषि में समयबद्ध तकनीक के उपयोग के माध्यम से मूल्य संवर्धन, कृषि मशीनीकरण और प्राकृतिक खेती जैसे प्रयासों को एकीकृत करके कृषि में क्रांतिकारी परिवर्तन लाना है।

55 टीमें 3.5 लाख किसानों को देंगी जानकारी

सरकार की तरफ से बताया गया है कि गुजरात में इस अभियान के तहत, विशेषज्ञों की 55 टीमें 3.5 लाख से अधिक किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगी। 30 कृषि विज्ञान केंद्रों और चार कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ, कृषि विभाग के अधिकारी और स्थानीय प्रगतिशील किसान 29 मई से 12 जून के बीच गांवों का दौरा करेंगे और किसानों से बातचीत करेंगे। 

इस दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक और जलवायु-अनुकूल खेती के तरीकों, नए उन्नत बीजों, नैनो उर्वरकों, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग और केवल आवश्यक मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने के महत्व के साथ-साथ केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। सीएम ने कहा कि यह अभियान गुजरात के किसानों के दरवाजे तक पहुंचा एक सुनहरा अवसर है। 

किसानों से सीधे संवाद करेंगी टीमें

बता दें कि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों को सभी आवश्यक योजनाएं बनाने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से 29 मई से 12 जून तक देशव्यापी ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ शुरू किया है। इसी कड़ी में गुजरात में आज आनंद कृषि विश्वविद्यालय से इस अभियान की शुरुआत की गई। कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम किसानों से सीधे संवाद करेगी। किसानों को उनकी कृषि समस्याओं का समाधान मिले और उन्हें नई कृषि तकनीकों की जानकारी मिले, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।

इनपुट- पीटीआई





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