बिहार के मुंगेर में शनिवार को आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में उस समय खास माहौल बन गया, जब उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक पीड़ित युवक की शिकायत पर अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए. कार्यक्रम के दौरान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
तारापुर अनुमंडल क्षेत्र के बिहमा गांव निवासी राकेश कुमार सिंह ने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि उनकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और स्थानीय प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है. युवक ने भावुक होकर कहा कि उसकी मां का निधन हो चुका है, पिता बीमार रहते हैं और वह सात बहनों में अकेला भाई है. मजदूरी कर दो बहनों की शादी कर चुका है, लेकिन पिछले तीन वर्षों से अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहा, जिससे परिवार का भरण-पोषण भी मुश्किल हो गया है.
युवक की व्यथा सुनने के बाद तारापुर के एसडीएम राकेश रंजन कुमार ने मामला सिविल कोर्ट में लंबित होने की बात कहकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की. इस पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी के अनिल ने हस्तक्षेप करते हुए एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई और कानून की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि सिविल कोर्ट और राजस्व न्यायालय का अलग-अलग दायरा होता है.
उन्होंने कहा कि फसल कटाई से जुड़े मामलों में स्थानीय प्रशासन को आदेश देने का अधिकार है और सिविल कोर्ट के नाम पर कार्रवाई टालना गलत है. इसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम को एक सप्ताह के भीतर युवक की समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया.
सिन्हा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता को वर्षों तक भटकाना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में पीड़ित व्यक्ति गलत रास्ता भी अपना सकता है, जो समाज के लिए घातक होगा.
उपमुख्यमंत्री ने युवक को भरोसा दिलाया कि यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो वह सीधे उच्च अधिकारियों या उनसे संपर्क कर सकता है. कार्यक्रम के अंत में लोगों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया और उनके कार्यों की सराहना की.
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