नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास की जमीनें अब केवल निवेश नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी हॉट स्पॉट बन चुकी हैं. इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) अपनी बहुप्रतीक्षित आवासीय प्लॉट योजना 2026 लेकर आया है, जिसमें जेवर एयरपोर्ट के बिल्कुल करीब 973 प्लॉट ऑफर किए जा रहे हैं.

अधिकारियों के अनुसार, 17.5% प्लॉट्स उन किसानों के लिए आरक्षित होंगे जिनकी भूमि यमुना क्षेत्र और NIA के विकास के लिए अधिग्रहित की गई है. इसके अलावा, 5% प्लॉट्स उन व्यापारियों के लिए आरक्षित होंगे जिनकी औद्योगिक इकाइयां प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित हैं. प्लॉट्स की दर 36,260 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है और सेक्टर 15-C, 18 और 24 में स्थित इन प्लॉट्स का आवंटन ड्रा के माध्यम से किया जाएगा.

प्लॉट्स का आवंटन 90 सालों की लीज पर किया जाएगा, जिसकी गणना लीज डीड की तारीख से होगी. आवेदन की अंतिम तिथि 6 मई है, जबकि योजना का ड्रा 18 जून को निकाला जाएगा. यह आवासीय योजना क्षेत्र के तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को दर्शाती है. जल्द ही उड़ान सेवाएं शुरू होने के साथ, पेशेवरों, निवेशकों और व्यापारियों के बीच आवास की मांग बढ़ने की संभावना है.

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किस तरह के प्लॉट्स उपलब्ध हैं?

  • 162 वर्ग मीटर (476 प्लॉट)
  • 183 वर्ग मीटर (4 प्लॉट)
  • 184 वर्ग मीटर (4 प्लॉट)
  • 200 वर्ग मीटर (481 प्लॉट)
  • 223 वर्ग मीटर (6 प्लॉट)
  • 290 वर्ग मीटर (2 प्लॉट)

कैसे करें अप्लाई?

इस प्रोजेक्ट को UP RERA की मंजूरी मिल चुकी है. इच्छुक लोग सोमवार से प्राधिकरण की वेबसाइट https://yamunaexpresswayauthority.com/ पर जाकर आवेदन कर सकेंगे. प्राधिकरण के अनुसार, पार्क-फेसिंग और ग्रीन बेल्ट वाले प्लॉट्स पर 5% अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा, जबकि कॉर्नर प्लॉट्स पर भी 5% अतिरिक्त शुल्क लगेगा.

आवेदक को रजिस्ट्रेशन के समय कुल प्रीमियम का 10% जमा करना होगा. सफल आवेदकों के लिए यह राशि प्लॉट के कुल भुगतान में समायोजित कर दी जाएगी, जबकि असफल आवेदकों को यह राशि वापस कर दी जाएगी. योजना के तहत, आवंटन पत्र जारी होने के 60 दिनों के भीतर कुल प्रीमियम का 100% भुगतान करना होगा. हालांकि, विशेष परिस्थितियों में भुगतान के लिए अधिकतम 30 दिनों की अतिरिक्त समय सीमा दी जा सकती है.

यह योजना भविष्य में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है और रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. साथ ही, यह एयरपोर्ट आधारित विकास मॉडल में विश्वास को भी दर्शाती है, जिससे यमुना क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक प्रमुख विकास कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है.

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