अमेरिका के कैलिफोर्निया में ईंधन संकट ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. सैन फ्रांसिस्को में डीजल की कीमत 8 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई है, जो किसी भी अमेरिकी शहर में अब तक की सबसे ज्यादा कीमत है. वहीं पूरे राज्य में औसत कीमत 7.67 डॉलर प्रति गैलन दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है.

हैरान करने  वाली बात यह है कि 2 मार्च को यही कीमत करीब 3.90 डॉलर प्रति गैलन थी. यानी सिर्फ एक महीने में डीजल की कीमत दोगुनी हो गई.विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा. आने वाले महीनों में रोजमर्रा के सामान की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं.

क्या है इसकी वजह?

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ,दरअसल, ईरान के साथ तनाव और होर्मुज रास्ते के बंद होने के बाद पूरे अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ी थीं, लेकिन अब देश के बाकी हिस्सों में स्थिति स्थिर होने लगी है. कुछ जगहों पर तो कीमतों में गिरावट भी देखने को मिली है.

इसके उलट कैलिफोर्निया में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. यहां पिछले हफ्ते ही डीजल की कीमत में करीब 34.9 सेंट की बढ़ोतरी हुई, जो बाकी राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा है.

इसकी बड़ी वजह राज्य की सप्लाई व्यवस्था है. कैलिफोर्निया में बाहर से सीधे ईंधन पाइपलाइन नहीं आती, इसलिए ज्यादातर डीजल जहाज, रेल या सड़क के जरिए लाया जाता है. साथ ही, यहां रिफाइनरी की संख्या सीमित है और सख्त पर्यावरण नियमों के कारण बाजार ज्यादा संवेदनशील हो गया है.

राज्य में रिफाइनरी की संख्या भी सीमित है. इसके अलावा, डीजल पर ज्यादा टैक्स भी कीमतों को और ऊपर ले जाता है. इन सभी कारणों की वजह से कैलिफोर्निया में तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं.

कैलिफोर्निया में बढ़ रही है मंहगाई

अब इसका असर सप्लाई चेन पर दिखने लगा है. ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री और फूड सप्लाई से जुड़े सेक्टर दबाव में हैं. खासकर वे सामान, जिन्हें ठंडे ट्रांसपोर्ट की जरूरत होती है, जैसे फल, सब्जियां और मछली, उनके दाम तेजी से बढ़ सकते हैं.

कैलिफोर्निया ट्रकिंग एसोसिएशन ने साफ कहा है कि बढ़ती डीजल कीमतों का बोझ आखिरकार ग्राहकों पर ही डाला जाएगा. यानी कंस्ट्रक्शन मटेरियल, किराना, हेल्थकेयर सप्लाई और रिटेल प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं.ग्रोसरी कारोबार से जुड़े संगठनों का कहना है कि मिड-समर तक दुकानों में कीमतों का असर साफ नजर आने लगेगा.

इस बीच, राज्य सरकार को टैक्स से बड़ा फायदा हो रहा है. डीजल पर 13 फीसदी तक टैक्स लगता है, जो पेट्रोल के मुकाबले काफी ज्यादा है. ऐसे में बढ़ती कीमतों के साथ सरकार की कमाई भी तेजी से बढ़ रही है.अब इस मुद्दे पर गवर्नर गैविन न्यूजॉम पर दबाव बढ़ रहा है कि वे टैक्स में कटौती करें. वहीं छोटे कारोबारी और कामगार इस बढ़ती लागत का असर सीधे झेल रहे हैं. कैलिफोर्निया में डीजल संकट अब महंगाई की नई लहर ला सकता है, जिसका असर हर आम आदमी तक पहुंचने वाला है.

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